वाराणसी में सीवर लाइन के अंदर मिलीं रेत से भरी बोरियां, FIR दर्ज; जलभराव के पीछे साजिश की आशंका

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वाराणसी: बारिश के बाद वाराणसी के कई इलाकों में जलभराव को लेकर सोशल मीडिया पर तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल हुए थे। इन पोस्ट के जरिए काशी के विकास और जलनिकासी व्यवस्था पर सवाल उठाए गए। इसी बीच नगर निगम की सीवर सफाई के दौरान मुख्य सीवर लाइनों के भीतर रेत से भरी बोरियां और अन्य मलबा मिलने का मामला सामने आया है। मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है।

सीवर लाइन में मिलीं रेत की बोरियां और अन्य सामग्री 

नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार, शिवाला, सरायनंदन और नगवा समेत करीब आधा दर्जन वार्डों में मुख्य सीवर लाइनों की सफाई के दौरान रेत से भरी बोरियां मिलीं। इसके अलावा लकड़ी का बुरादा, पत्थर, प्लाई और प्लास्टिक जैसी सामग्री भी सीवर के भीतर मिलने की जानकारी सामने आई है। अकेले शिवाला क्षेत्र से करीब 12 बोरियां बरामद होने की बात सामने आई है।

सीवर लाइन में बड़ी मात्रा में बाहरी सामग्री मिलने से जलनिकासी व्यवस्था बाधित हुई और शहर के कई क्षेत्रों में पानी भर गया. फिर इन जलभराव वाले क्षेत्रों को विडियो और फोटो को सोशल मीडिया पर वायरल भी किया गया।

FIR दर्ज, अब जांच में सामने आएगी पूरी सच्चाई 

नगर निगम के जलकल विभाग की शिकायत के आधार पर भेलूपुर थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। मामला भारतीय न्याय संहिता की धारा 326(c) के तहत दर्ज किया गया है, जो जलभराव पैदा करने वाली शरारत से संबंधित है।

अब जांच एजेंसियों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि सीवर लाइन के भीतर रेत से भरी बोरियां और अन्य सामग्री पहुंची कैसे? क्या यह किसी निर्माण या अन्य गतिविधि के दौरान वहां पहुंची या किसी ने जान बूझकर सीवर लाइन में सामग्री डाली।

सोशल मीडिया पर वायरल नैरेटिव के बीच सामने आया नया सवाल 

रेत और पत्थर से भरी बोरियां भारी होती है, ये खुद से सीवर लाइन में नहीं गिर सकती। ऐसा लगता है इन्हें कहीं और से लाकर साजिश के तहत सीवर लाइन में डाला गया और फिर जब जलनिकासी बाधित होने से जलभराव हुआ तो उसके वीडियो और फोटो सोशल मीडिया पर वायरल किये गए ताकि वाराणसी की छवि खराब की जा सके। क्योंकि सोशल मीडिया पर जलभराव के वीडियो वायरल होने के बाद काशी के विकास को लेकर कई तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आई थीं। कुछ पोस्ट में इसे लेकर “मोदी का क्योटो” जैसे तंज भी किए गए।

बड़ी साजिश की आशंका 

नगर निगम को इसके पीछे बड़ी साजिश की आशंका है। हालाँकि FIR दर्ज होने के बाद जल्द से जल्द मामले की सच्चाई सामने आने की उम्मीद है.