वाराणसी। वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर फॉल्स सीलिंग गिरने की खबर सामने आने के बाद एयरपोर्ट प्रशासन ने इसे भ्रामक और तथ्यहीन बताया है। एयरपोर्ट डायरेक्टर ने स्पष्ट किया कि संबंधित क्षेत्र में पुरानी फॉल्स सीलिंग को बदलने का काम किया जा रहा था और यह कार्य गैर-परिचालन समय में किया जा रहा था।
एयरपोर्ट प्रशासन के अनुसार, जिस स्थान पर फॉल्स सीलिंग के प्रतिस्थापन का कार्य चल रहा था, वह यात्रियों की आवाजाही वाले क्षेत्र से बाहर है। कार्य के दौरान यात्रियों की आवाजाही नहीं थी और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आवश्यक बैरिकेडिंग एवं अन्य सुरक्षा उपाय भी किए गए थे।
क्या है मामला?
दरअसल मीडिया में एक खबर चली कि वाराणसी इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आगमन हॉल में रविवार रात फॉल सीलिंग का एक हिस्सा भरभराकर नीचे आ गिरा। जिससे कई यात्री बाल-बाल बच गए। किसी को चोट नहीं आई. लेकिन अब एयरपोर्ट प्रशासन ने इस खबर को भ्रामक करार देते हुए वास्तविकता बताई है।
एयरपोर्ट प्रशासन के अनुसार, जिस स्थान पर फॉल्स सीलिंग के प्रतिस्थापन का कार्य चल रहा था, वह यात्रियों की आवाजाही वाले क्षेत्र से बाहर है। कार्य के दौरान यात्रियों की आवाजाही नहीं थी और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आवश्यक बैरिकेडिंग एवं अन्य सुरक्षा उपाय भी किए गए थे।

पुरानी फॉल्स सीलिंग को बदला जा रहा था
एयरपोर्ट डायरेक्टर ने बताया कि संबंधित स्थान पर पुरानी फॉल्स सीलिंग को हटाकर नई फॉल्स सीलिंग लगाने का कार्य टर्मिनल ब्यूटिफिकेशन और रखरखाव गतिविधि के तहत किया जा रहा है। यह कार्य निर्धारित प्रक्रिया के तहत गैर-परिचालन समय में किया जा रहा था। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि फॉल्स सीलिंग में उचित लॉकिंग और सपोर्टिंग व्यवस्था होती है। ऐसे में सामान्य परिस्थितियों में इसके गिरने की संभावना नहीं होती।
यात्रियों की सुरक्षा को लेकर किया स्पष्ट
एयरपोर्ट प्रशासन ने कहा कि संबंधित क्षेत्र यात्रियों की आवाजाही से बाहर था और काम के दौरान आवश्यक सुरक्षा प्रबंध किए गए थे। इसलिए इस घटना को एयरपोर्ट के यात्री क्षेत्र में फॉल्स सीलिंग गिरने के रूप में प्रस्तुत करना भ्रामक है। प्रशासन के मुताबिक, फॉल्स सीलिंग के प्रतिस्थापन का काम जल्द पूरा कर लिया जाएगा।
