यूपी का वो बाहुबली जिसे मायावती से बचाने के लिए हेलीकॉप्टर से ले उड़े थे मुलायम सिंह

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उत्तर प्रदेश में जब मायावती की सरकार थी तब सियासत चरम पर थी. उपचुनाव के कारण कालीन नगरी भदोही का सियासी पारा भी गर्माया था. उपचुनाव में बसपा भी हर हाल में बाजी मारना चाहती थी और भदोही से उसके उम्मीदवार थे गोरखनाथ पांडे. इधर सपा भी हर संभव कोशिश कर रही थी. उस दौरान विजय मिश्रा का नाम बहुचर्चित रहा. बता दें कि मायावती ने ज्ञानपुर के विधायक विजय मिश्रा से कहा कि वे उनके प्रत्याशी को समर्थन दें.

दरअसल, विजय मिश्रा समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार हैं और ये वही उम्मीदवार थे जो साल 2007 में बसपा की आंधी में भी टिके रहें. वहीं, मायावती इस बात से वाकिफ थी कि विजय मिश्रा की पकड़ पूरे जिले में है.

अब आपको एक किस्सा बताते हैं कि एक बार मंच पर विधायक विजय मिश्रा मौजूद थे उस दौरान उन्हें सूचना मिली कि पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने आ रही है. इस सूचना के मिलने के बाद विधायक विजय मिश्रा स्टेज पर जाते हैं और स्टेज पर मौजूद मुलायम सिंह यादव से कहते हैं कि, ‘आपको मेरी पत्नी रामलली के सिंदूर का वास्ता, मुझे बचा लीजिए.’ उसके बाद नेता मुलायम सिंह यादव ने जो कहा वो हैरान कर देने वाला था. दरअसल, उन्होंने कहा कि, जिसकी हिम्मत हो पकड़ कर दिखा दे हमें. बस फिर क्या नेता जी ने इधर ये शब्द कहें और चंद लम्हों में वो विधायक विजय मिश्रा को हेलीकॉप्टर में साथ लेकर उड़ गए.

आपको बता दें कि विधायक विजय मिश्रा को बाहुबली के नाम से भी पुकारा जाता है लेकिन उनका बाहुबली बनना आसान नहीं रहा. उन्होंने पेट्रोल पंप से अपनी बाहुबली की यात्रा शुरू की. दरअसल, भदोही के धनापुर में रहने वाले विजय मिश्रा ने साल 1980 के आस-पास एक पेट्रोल पंप शुरू किया. कमाई भी अच्छी होने लगी. इसके बाद उनका परिचय कांग्रेस पार्टी के दिग्गज नेता पंडित कमलापति त्रिपाठी से हुआ. फिर उनके नक्शे कदम पर चलकर और उन्हीं के कहने पर विजय मिश्रा चुनाव लड़े और साल 1990 में ब्लॉक प्रमुख बनें. हालांकि, कांग्रेस के साथ यह सफर ज्यादा नहीं चल पाया. बाद में वो मुलायम सिंह के संपर्क में आए और धीरे-धीरे राजनीति के सफर में सफलता की सीढ़ी चढ़ते गए और पूर्वांचल में बाहुबली नेता के रूप में उभरें.

चुनावी दौर तो चलता रहा लेकिन साल 2017 में हुए चुनाव में अखिलेश यादव ने ज्ञानपुर से विजय मिश्रा का टिकट काट दिया. बता दें कि ज्ञानपुर विधानसभा सीट से वो कई साल तक जीतें लेकिन साल 2017 में विजय मिश्रा पर करीब 50 से भी ज्यादा मामले दर्ज थे. वहीं, इस बार वो निषाद पार्टी से लड़ें और उन्होंने 20 हजार से भी ज्यादा वोटों से जीत दर्ज की. बताते चलें कि मकान कब्जा करने के आरोप में उन्हें इसी साल मार्च 2021 में मध्य प्रदेश से गिरफ्तार किया गया और इस समय वो उत्तर प्रदेश के आगरा के सेंट्रल जेल में बंद हैं.

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