ज़िंदगी के साथ भी और ज़िंदगी के बाद भी, CDS रावत ने निभाया पत्नी के साथ हमेशा साथ रहने का वादा

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भारत माता का वो सपूत जो देश से अत्यधिक प्रेम करता था, जिसने सेना को मजबूत करने के लिए हर संभव प्रयास किए और देश के लिए कुछ कर दिखाया उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया है. तमिलनाडु के कुन्नूर में बुधवार को हुए हेलीकॉप्टर क्रैश में सीडीएस जनरल बिपिन रावत और उनकी पत्नी मधुलिका समेत 13 लोगों का निधन हो गया हैं. बता दें कि हेलीकॉप्टर में 14 लोग सवार थे जिसमें से 13 लोगों का निधन हो गया और शेष 1 का इलाज चल रहा है.

कहते हैं कि पति-पत्नी का रिश्ता सात जन्मों का होता है. पति-पत्नी साथ मरने-जीने की कसमें खाते हैं. इस कहावत को जनरल बिपिन रावत और उनकी पत्नी मधुलिका ने सच कर दिखाया है. दोनों ने साथ में अंतिम सांस ली. उनकी दोनों बेटियों के ऊपर से माता-पिता का साया उठ गया है लेकिन इस जोड़े ने अमर प्रेम की कहानी लिख दी है. दोनों ने एक साथ अपना जीवन देश के नाम कर दिया. उन्होंने देश का कर्ज और पति का धर्म दोनों निभाया है.

एक बात तो आज हर कोई कहने को मजबूर हो गया है कि सीडीएस जनरल बिपिन रावत ने ज़िंदगी के साथ भी और ज़िंदगी के बाद भी अपनी पत्नी मधुलिका का साथ नहीं छोड़ा. वो वादा निभाया है जो हर फौजी की पत्नी अपने पति से चाहती है. उन्होंने कभी सोचा भी नहीं होगा जिंदगी उन्हें ऐसा मोड़ दिखा सकती है लेकिन एक बात से वो आत्मा जरूर खुश होगी कि दुनिया छोड़ी तो उस इंसान के साथ जिसके साथ प्यार की जिंदगी जीना शुरू की. जब आखिरी पलों में उन्हें एहसास हुआ होगा कि अब कुछ होने वाला हू तो दोनों ने आंखें बंद कर अपनी बेटियों को याद किया होगा लेकिन एक-दूसरे का हाथ थामकर. एक-दूसरे को देखकर शायद दोनों के अंदर कुछ हौसला भी आया जाएगा. हम सिर्फ अंदाजा लगा सकते हैं लेकिन उस जोड़े ने जो महसूस किया होगा वो सिर्फ वही जानते होंगे. आज हर एक वो आंख नम है जो देश से प्रेम करती हैं, जिनके लिए जनरल बिपिन रावत एक मिसाल रहें हैं. दुख है, पूरा देश दुख में गमगीन है लेकिन तसल्ली इस बात की है पति-पत्नी के इस जोड़े ने हर वो कसम, वादा निभाया जो हर पत्नी अपने पति से चाहती है.