खाने पीने की चीजों के बाद जोमैटो ने इस चीज की होम डिलीवरी के लिए सरकार के समक्ष की पेशकश

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कोरोना जैसी बीमारी की वजह से आज देश पूरी तरह से बंद पड़ा हैं. खाने को घर तक पहुँचाने का काम करने वाली ऑनलाइन डिलीवरी कंपनी जोमैटो ने अब शराब बेचने का फैसला लिया हैं. लॉकडाउन के बीच देश के अंदर शराब की दुकाने खोल दी गई हैं और वहां पर बेतहाशा भीड़ लग रही हैं. लोग न मास्क लगा रहे हैं और न सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर रहै है.

ज़ोमैटो इसी का फायदा उठाना चाहती है. जोसैटो विचार कर रही है की अब वो लोगों के घर तक शराब पहुंचाये. इसे लोग घर में रहेंगे और लोगों को शराब वही मिल जाएगी. जिससे कोरोना की वजह से लोग बाहर नहीं निकलेंगे. तो कोरोना का फिसलने का डर भी उतना नहीं रहेगा.

एक न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की एक खबर में बताया गया है कि ‘कंपनी ने इसके लिए इंटरनेशनल स्पिरिट्स ऐंड वाइन एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ISWAI) को प्रस्ताव दिया है. लॉकडाउन की वजह से कंपनी का फूड डिलिवरी कारोबार काफी हद्द तक गिर गया है, इसलिए जोमैटो अपना अस्तित्व बचाए रखने के लिए अब वो शराब की ऑनलाइन बिक्री करना चाहती है. जोमैटो ने ग्रासरी की भी डिलिवरी करना शूरु किया है.देश के अंदर पहेला लॉकडाउन 25 मार्च को लागू किया गया था. जिसको साथ ही शराब की बिक्री पर भी पूरी तरह से रोक लगा दी गई थी. लेकिन राजस्व की तंगी को देखते हुए सरकार ने तीसरे लॉकडाउन में शराब की दुकानो को खोल दिया लेकिन उसके बाद दुकानो पर शराब लेने के लिए लोगों का मजमा लगने लगा.

बता दे कि अपने देश में शराब की होम डिलिवरी का कोई भी प्रावधान नही है. इसको लेकर कम्पनी सरकार पर दबाव बना रही है कि वो शराब की होम डिलिवरी की उनको इजाज़त दें. इन सबके बीच जोमैटो के सीईओ मोहित गुप्ता ने कहा है, ‘हमें लगता है कि टेक्नोलॉजी आधारित होम डिलिवरी सोल्युशन से एल्कोहल की खपत को और बढ़ाया जा सकता है.’ अगर सरकार शऱाब की होम डिलिवरी शुरु करने की इजाज़त देती है तो जोमैटो घर-घर शराब पहुंचा सकेगी. जिसे जोमैटो अपना अस्तित्व भी भारत के अंदर बचा सकेगी.