ये है वो शख्स जिसने मध्य प्रदेश में ऑ’परेशन लोटस को सफल बना कर पूरे देश को चौंका दिया

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कहते है अगर यु’द्ध जितना हो तो सिर्फ अपने यो’द्धाओं के भरोसे नहीं जीता जा सकता बल्कि दु’श्मन के यो’द्धाओं पर भी नज़र होनी चाहिए. अगर दु’श्मन के सबसे भरोसेमंद यो’द्धा को अपने पाले में कर लिया तो आपने यु’द्ध जीत लिया. ज्योतिरादित्य सिंधिया कांग्रेस के उन यो’द्धाओं में से एक थे जिनपर गाँधी परिवार सबसे ज्यादा भरोसा करता था. भाजपा ने कांग्रेस और गाँधी परिवार से उनका सबसे भरोसेमंद योद्धा को अलग कर उनकी रीढ़ की हड्डी पर वा’र किया है.

ज्योतिरादित्य सिंधिया जिस कद के नेता थे वैसे नेता जल्दी पार्टियाँ नहीं बदला करते. सिंधिया के लिए भी कांग्रेस का हाथ छोड़ कर भाजपा में शामिल होना इतना आसान नहीं था. भाजपा जानती थी कि ज्योतिरादित्य सिंधिया को कांग्रेस से लग कर न सिर्फ कांग्रेस के आत्मविश्वास को बुरी तरह तोड़ा जा सकता है बल्कि मध्य प्रदेश पर भी कब्ज़ा किया जा सकता है. ऐसे में पार्टी ने ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ डील कराने की जिम्मेदारी सौंपी भाजपा प्रवक्ता जफर इस्लाम को. जफ़र इस्लाम के भरोसे ही भाजपा ने मध्य प्रदेश में ऑपरेशन लोटस चलाया और जफ़र इस्लाम ने मध्य प्रदेश के साथ साथ ज्योतिरादित्य सिंधिया को भी भाजपा की झोली में डाल दिया.

जफर इस्लाम मीडिया के लिए जाना पहचाना चेहरा हैं. टीवी चैनलों पर डिबेट में वह हर रोज भाजपा के प्रतिनिधि बन कर आते हैं. कभी एक विदेशी बैंक के लिए काम करने वाले जफ़र ने मोदी की राजनीति से प्रभावित होकर जफर इस्लाम ने भाजपा में शामिल हुए और जल्द ही पीएम मोदी के साथ साथ अमित शाह के भी भरोसेमंद बन गए. इसलिए भाजपा हाईकमान ने इतना बड़ा ऑपरेशन चलाने की जिम्मेदारी दी.

जफ़र इस्लाम और ज्योतिरादित्य सिंधिया की जान पहचान बहुत पहले से थी. दिल्ली में अक्सर दोनों की मुलाक़ात हो जाया करती थी. भाजपा की नज़र तो तभी से ज्योतिरादित्य पर थी जबसे कांग्रेस ने उन्हें दरकिनार कर कमलनाथ को मुख्यमंत्री बनाया था. उसके बाद पिछले 5 महीनों से जफ़र इस्लाम चुपचाप भाजपा और सिंधिया के बीच डील कराने की मुहीम में जुटे रहे. दोनों के बीच कई मुलाकातें हुई. जब ज्योतिरादित्य को जफ़र इस्लाम ने पूरी तरह मन लिया कि उन्हें मनचाहा डील मिलेगा तो मध्यप्रदेश में ‘ऑपरेशन लोटस’ की पटकथा लिखी गई. गुजरात के बाद मध्य प्रदेश भाजपा का किला था. अब जफ़र इस्लाम ने डेढ़ साल बाद वो किला फिर से भाजपा की झोली में डाल कर भाजपा में अपना कद काफी ऊँचा कर लिया है.