प्रधानमंत्री मोदी के बड़े इंटरव्यू की पांच बड़ी बातें

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प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही देश के बड़े मीडिया संस्थान को इंटरव्यू दिया है. इंटरव्यू तो एक घंटे अधिक लंबा था.. व्यस्तता के जमाने में आपने पूरा इंटरव्यू नहीं देख पाए होंगे तो आइये हम आपको प्रधानमंत्री मोदी के इस इंटरव्यू की पांच बड़ी बातें बताते हैं.

सवाल – 2014 में विपक्ष बिखरा हुआ था लेकिन इस बार उत्तर प्रदेश में सपा बसपा का गठबंधन हुआ है, क्या चुनौती होगी?

इस पीएम मोदी ने जवाब देते हुए कहा कि अभी जब कर्नाटक के मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण समारोह हुआ था तब वहां पहुंचे सभी दल के नेता एक दुसरे से हाथ मिला रहे थे गले लगा रहे थे 2019 के विजय की तैयारी कर रहे थे वहीँ लोग बैंगलोर से लखनऊ पहुँचते पहुँचते जानी दुश्मन बन गये,, एक दुसरे का गला काटने में लग गये. पूरे देश में ये गठबंधन हो ही नहीं पाया लेकिन इन सभी दलों में एक चीज सामान्य है मोदी को गाली देना का कोम्पटीशन..जितने विरोधी है कोई एक डिकशनरी में गाली का शब्द निकालत है तो कोई दुसरे में से.. अंदर ही अंदर मिलकर प्लान बनाने का एक भी घटना भी तक मीडिया भी नहीं दिखा पाया.. मतलब सब दिखावा है..

आप महागठबंधन को महामिलावट कहते हैं लेकिन आपकी भी तो कई पार्टियों के साथ गठबंधन है. तो वो महामिलावट और आप शुद्ध कैसे?

जब हमने जम्मू कश्मीर में पीडीपी के साथ किया.. दोनों बैचारिक रूप से अलग अलग है हमारा उनका बैचारिक मेल ही नहीं था हमने जनता से भी कहा कि हमारा बैचारिक मेल नहीं है लेकिन जनता ने ऐसा वर्डिक दिया है कि हमें साथ चलना है. वो महामिलावट था ….पानी और तेल का मिलन था. फिर पानी और तेल अलग हो गया.. पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के साथ खड़ा होने वाला जम्मू कश्मीर का एक व्यक्ति कहता है कि देश में दो प्रधानमंत्री होना चाहिए. इस पर सब चुप है कांग्रेस चुप है तब लगता है कि ये महामिलावट है या तो वे कह दें कि वे दो प्रधानमंत्री वाले बयान के साथ है या कह दें कि बस  साथ में फोटो खिंचाना था हमारा कोई गंठबंधन नहीं है..

ट्रिपल तलाक के जरिये आपने मुस्लिम महिलाओं की जिन्दगी में बदलाव लाया है क्या वे आपको वोट करेंगी?

ये काम मैंने वोट के लिए नहीं किया और ना ही मैं सरकार चुनाव और दल के लिए चलाता हू. मैं सरकार देश के लिए चलाता हूँ. ट्रिपल तलाक को भी हिन्दू मुसलमान में नहीं देखन चाहिए. ये नारी सम्मान का विषय है. विश्व के इस्लामिक देशों में ट्रिपल तलाक पर प्रतिबंध है कही पर भी ट्रिपल तलाक की मान्यता नहीं है. हमारे देश में बाल विवाह के खिलाफ आवाज उठायी गयी.. विधवा दहन के खिलाफ आवाज उठायी गयी हम दहेज़ के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं क्या ये सब हिन्दुओं के खिलाफ हैं क्या ? जो बुराइयाँ है जो आधुनिक समाज के उपयुक्त नहीं है उसके खिलाफ हिम्मत के साथ राजनीतिक दलों के साथ आना चाहिए.. ट्रांसजेंडर को हमने सम्मानित किया… दिब्व्याग लोगों के लिए हमने काम किया.. ये सब लोगों के सम्मान की बात है.

साध्वी प्रज्ञा को टिकट दिए जाने के सवाल पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मुझ पर इतने आरोप आरोप लगे थे. और ऐसा हवा बना दिया गया कि अगर ऑनलाइन मीडिया पर देखोगे तो लाखो पेज मेरे खिलाफ बनाये गये.. शायद इसी के प्रभाव में आकर अमेरिका ने बीजा देने से मन कर दिया लेकिन जब सच सामने आया तो अमेरिका खुद मोदी को निमंत्रण देने के लिए सामने आया. तो ये सब इनकी झूठ चलाने की आदत है. इनकी आदत जाती नहीं है. अभी हाल में कपिल सिब्बल ने evm को लेकर लन्दन एक प्रेस कांफ्रेस करवाई वो भी वही थी. नोटबंदी को लेकर फालतू किसी का विडियो बना लिए वो भी वही था.. ये उनकी आदत है उनका कोई चेला चपाटा जो होगा ऑनलाइन न्यूज चलाने वाला होगा उसमें झूठी स्टोरी छाप देना, फिर कांग्रेस का प्रेस कांफ्रेसं करना तीसरे दिन उन्ही का एक चेला चपाटा जाकर pil करना.. फिर दस दिन तक इस झूठ को घसीटते रहना.. और इसी में किसी की जिन्दगी बर्बाद हो जाती है. कोई सबूत नहीं कुछ नहीं है… ये हमारे साथ भी हुआ है, गुजरात में मुझ पर कितना जुल्म किया है लेकिन देश की जनता हमारे साथ रही है. और साध्वी प्रज्ञा के खिलाफ कोर्ट में भी गये हैं कोर्ट ने भी कह दिया है कि वे चुनाव लड़ सकती है. वो ये सिम्बल है हिन्दू आतंकवाद कहकर भारत की हजारों साल कि विरासत को जिसने आपको बदनाम किया उसे सामने से ललकारना चाहिए जैसे चौकीदार को चोर कहा तो मैंने सामने से चौकीदार बनकर ललकारा है. इनका मुंह तभी बंद होगा. तब जाकर कोई राजनीतिक दल निर्दोष को नहीं फंसायेगा

इसके साथ ही प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि अपनी ख़ुशी या कोई भी बात शेयर किससे करते हैं.. यहाँ उन्होंने एक बहुत दिलचस्प बात बतायी उन्होंने कहा कि जब मैं संघ का काम करता था तब एक लक्ष्मण राव नामदार नाम के एक व्यक्ति थे जिनको हम वकील साहब कहते थे. उन पर मैंने एक किताब भी लिखी थी. उनसे मेरा मन कहता है कि उनको कहूँगा कि ऐसा हुआ है वैसा हुआ है . लेकिन मेरे जीवन का नियम है जो आपके दर्शकों के भी काम आ सके जीवन में एक व्यक्ति ऐसा होना जिसको ये नहीं पीता होना चाहिए कि उसका आपके जीवन में क्या महत्व है. जिसे बुरा विचार भी बता दो अच्छा विचार है तो बता दो. अभी भी मेरे जीवन में ऐसा कोई है लेकिन नाम नहीं बताऊंगा.. तो हर एक के जीवन में होना चाहिए जरूरी नहीं है की वो पढ़ा लिखा हो बड़ा हो.. और वही एक दिन वो आपको ऐसी बात देगा जो आपको कोई पंडित नहीं बता सकेगा. वकील साहब का नाम मैंने आपको इसलिए बताया क्योंकि वो अब नहीं हैं.

सबसे अहम् था प्रधानमंत्री मोदी का राष्ट्रीय सुरक्षा के सवाल पर दिया गया जवाब.. दरअसल प्रधानमंत्री मोदी अपने भाषण में सेना के शौर्य की बात करते हैं. आतंकवाद से निपटने की बात करते हैं इससे विपक्ष सेना का चुनाव प्रचार में उपयोग करने का आरोप लगाता है इसी से जुड़े सवाल पर जवाब देते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस के शासन में हुए ब्लास्ट के बाद कार्रवाई ना होने की बात कहीं और मोदी सरकार में हुए ब्लास्ट के बाद हुई कार्रवाई पर प्रधानमंत्री  ने कहा कि बताइये आज जो श्री लंका में ब्लास्ट हुआ है. क्या गुनाह था इस्टर का पर्व था दिव्यता की अनुभूति का अवसर, शांति का सन्देश देने की कोशिश.. ऐसे लोगों को मार दिया गया…. अब उनके सारे धन वैभव सब बर्बाद हो गया.. और आतंकवाद दुनिया के लिए एक चुनौती बन गया है क्या इसके लिए देश को सजग नहीं करना चाहिए. देश को हमारा पॉइंट समझना नहीं चाहिए. कांग्रेस को पूछना चाहिए कि उसने राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे को क्यों नकार दिया है. आप देश की सेना को गली को गुंडा कह दो और ऐसा कहने वालों को प्रमोशन दे दो..ये कोई तरीका है क्या? आपका नेता पाकिस्तान में जाकर कहे कि भारत पाकिस्तान की दोस्ती हो सकती है बस मोदी को हटाओ..क्या पाकिस्तान भारत के प्रधानमंत्री को हटाएगा  ऐसे लोगों को बेनकाब करना है और मीडिया का भी काम है. प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि मैं अपने 40 मिनट के भाषण में अगर 4 मिनट राष्ट्रीय सुरक्षा पर भी बोलता हूँ तो समस्या क्या है? वैसे प्रधानमंत्री मोदी ने पूरे विपक्ष को घसीटा लेकिन ममता बनर्जी इसमें मुख्य रूप से शामिल थी. उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा था कि संसद में खड़ी होकर ममता बनर्जी कहती थी कि केन्द्रीय फ़ोर्स को लगाकर पश्चिम बंगाल में चुनाव होना चाहिए और आज पश्चिम बंगाल में लगातार हत्याएं हो रही हैं. ममता बनर्जी चुप है. ममता बनर्जी के अंदर आया ए बदलाव हैरान कर देने वाला है.