रामनाथ गोयनका अवार्ड से साम्मानित अभिसार शर्मा के पत्रकारिता का ये नमूना जरूर देखिये

रामनाथ गोयनका अवार्ड भारत में पत्रकारिता का सबसे बड़ा सम्मान माना जाता है. आखिरकार अभिसार शर्मा को भी ये अवार्ड मिल ही गया. वो भी गोरखपुर में हुए बच्चों की मौत की रिपोर्टिंग के लिए. पत्रकारिता देश का चौथा स्तम्भ माना जाता है लेकिन तब देश क्या करे, जब पत्रकारिता के आड़ में कोई पत्रकार अपनी कुंठित विचारधारा को लेकर लोगों को गुमराह करने लगे.

अभिसार शर्मा… पेशे से तो ये पत्रकार माने जाते है. 11कई चैनलों में काम भी कर चुके है. प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ फेक ख़बरें दिखाने की वजह से क्रन्तिकारी पत्रकार अभिसार शर्मा को चैनल से बाहर निकाल दिया गया था. जब कोई मीडिया हाउस किसी दक्षिणपंथी पत्रकार को निकाल देता है तो उसका अगला शरण होता है द वायर. द वायर ने भी अभिसार को भी गोंद ले लिया .फिर अभिसार शर्मा ने शुरू किया न्यूज क्लीक…..

Source-News click

अभिसार शर्मा की पत्रकारिता का एकमात्र ध्येय है मोदी सरकार और दक्षिणपंथी विचार धारा को ट्रोल करना और अगर कोई उन्हे सलाह दे या उनके खिलाफ बोल दे तो अभिसार शर्मा नीचता पर उतर कर गालियाँ देने लगते है.. लगता है एक तरह से अभिसार शर्मा मोदी फोबिया के शिकार हो गये है. आप ये स्क्रीनशॉट देखिये जिसमें पत्रकार महोदय ट्वीटर के यूजर को क्या-क्या कह रहे है…किसी को बेरोजगार भक्त कह रहे है तो किसी के माँ बाप पर जाकर नीचता पर उतर आये है. किसी को किसी का चमचा बता रहे है. आप खुद देखिये

तो ये है पत्रकार की कलम से निकले से हुए क्रांतिकारी शब्द. आइये अब हम आपको अभिसार शर्मा की रिपोर्टिंग का एक छोटा सा नमूना दिखाते हैं जिसमें वे गए तो थे खेती की रिपोर्टिंग करने, लेकिन खेत में पहुंचते ही अभिसार शर्मा को क्या हो गया पोस्ट पढने के बाद आप आराम से देख लीजियेगा…धान मतलब गेंहू…
दरअसल खेत में धान की फसल थी और अपने रिपोर्टिंग में उत्साहित अभिसार शर्मा ने धान की फसल को गेहूं बना दिया अब कोई इन्हें समझाए कि धान से चावल पैदा होता है.. गेंहूँ नही. वैसे शर्मा जी फेक न्यूज फ़ैलाने में पीछे नही है. अमृतसर में ट्रेन हादसे के वक्त द वायर के लिए एक विडियो बनाते समय अभिसार ने दावा किया कि ट्रेन की ऊपर वाली हेडलाइट ओन नही थी इसीलिए लोग ट्रेन देख नही पाए और हादसा हो गया. लेकिन फिर वे गलत साबित हुए…. दरअसल जिस ट्रेन से दुर्घटना हुई थी उस ट्रेन में हेडलाइट ऊपर नही बल्कि बीच में होती है.
इसके बाद अब जिस ट्रेन को दिखाकर अभिसार लोगों को गुमराह कर रहे है उस ट्रेन की फोटो आप देखिये…और देखिये इसमें हेडलाइट ऊपर की तरफ है .. अब आप उस ट्रेन को देखिये जिस ट्रेन से एक्सीडेंट हुआ था उसमें हेडलाइट कहा हैं!

देखिये वीडियो

अभिसार शर्मा का के ऊपर वो वाली कहावत एक दम सटीक बैठती है कि खाने के दांत कुछ और दिखाने के दांत कुछ और आज हमें ऐसे लोगों से सावधान रहने की जरुरत है जो इस तरह की खबरे फैला रहे हैं.

Related Articles

23 COMMENTS

  1. Cilt lekeleri, cilt tonu farklılıkları leke kremi gibi cildinizde oluşan herhangi bir leke için
    Hccare leke kremini deneyebilirsiniz iddalı bir marka olan bu firmanın tüm ürünleri güvenilir olduğu gibi
    leke kremi de güvenlidir.
    Leke kremi ; Leke KreMi

  2. My partner and I stumbled over here from a different website
    and thought I might as well check things out. I like what I see so now i am
    following you. Look forward to looking into
    your web page repeatedly.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here