जिस SDM ने गिरायी थी रातो रात यूपी में मस्जिद, उनको लेकर योगी सरकार का बड़ा फैसला

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अभी हाल ही में उत्तर प्रदेश में कई बड़े बड़े प्रशासनिक अफसरों के तबादले किये गये है जिसमे कई अफसरों को ट्रांसफर झेलने पड़े है तो कुछ एक को बड़े पद भी मिल चुके है जो काफी अधिक महत्त्वपूर्ण भी है. अब इनमे कुछ नाम तो हमेशा की तरह कॉमन होते है लेकिन एक नाम काफी अधिक सुर्खियाँ बटोर रहा है क्योंकि वो पिछले कुछ समय से क़ानून की सख्त पालना को लेकर के सुर्खियों में भी था. जी हाँ, हम बात कर रहे है यहाँ पर एसडीएम साहब रहे दिव्यांशु पटेल की.

रातो रात मस्जिद गिराकर सुर्खियों में आये थे दिव्यांशु पटेल, अब बने उन्नाव के मुख्य विकास अधिकारी
आपने पिछले दो हफ्तों में दिव्यांशु पटेल का नाम सुना होगा जो उत्तर प्रदेश में प्रशासनिक सेवाएं दे रहे है. वो एसडीएम के तौर पर ड्यूटी कर रहे थे और राम स्नेही घाट पर लॉकडाउन के दौरान एसओपी का पालन न करने के कारण से एक मस्जिद को ही गिरा दिया, आपको बता दे ये मस्जिद बहुत ही अधिक पुरानी और अंग्रेजो के समय की थी. अब इसे लेकर के काफी अधिक बवाल हुआ और लोग भी जमा हुए, कोर्ट के भी कई आदेशो के हवाले दिए गये लेकिन जो होना था वो तो हो ही गया.

अब दिव्यांशु पटेल एक बार फिर से खबर में आ गये है क्योंकि सरकार और उपरी प्रशासन उनके कार्यो से काफी अधिक संतुष्ट नजर आ रहा है जिसके चलते हुए उनको उन्नाव का मुख्य विकास अधिकारी बना दिया गया है. कुछ लोग इसे मस्जिद वाले किस्से से जोड़कर के भी देख रहे है लेकिन प्रशासन आम तौर पर ऐसे केसेज के आधार पर नही बल्कि परफॉरमेंस और केपेसिटी के आधार पर ही किसी अधिकारी को बड़ी जिम्मेदारियां सौंपता है.

उत्तर प्रदेश में ऐसे कई बड़े बड़े आईएएस से लेकर आईपीएस और पीसीएस अफसर है जिनका केंद्र और राज्य सरकारे अपने स्तर पर आंकलन कर रही है और उस आधार पर उन्हें प्रमोट या फिर ट्रांसफर भी कर रही है.