उत्तरप्रदेश में बीजेपी की सरकार आने के बाद से ही सीएम योगी ने सूबे की कानून व्यवस्था को सुधारने के लिए एक से बढ़कर एक बड़े कदम उठाये हैं जिनकी चर्चा आज हर तरफ हो रही है. अपने कुछ फैसलों को लेकर सीएम योगी पूरे देश में मशहूर हो चुके हैं. सत्ता में आने के बाद ही उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए थे कि राज्य की कानून व्यवस्था बिगडनी नहीं चाहिए और अपराधियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए. अब योगी सरकार ने नया कानून बनाकर सभी को चौंका दिया है.

जानकारी के लिए बता दें राजनीतिक जुलूसो, विरोध प्रदर्शन और आंदोलनों के दौरान सार्वजनिक और निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले लोगों के खिलाफ योगी सरकार बेहद सख्त हो गयी है. अभी हाल ही में नागरिकता संशोधन अधिनियम के विरोध में जिन जिन लोगों ने यूपी में हिंसा फैलाई और दंगे किये, सीएम योगी ने उनके खिलाफ हुए नुकसान की भरपाई का नोटिस जारी कर दिया और लोगों के पोस्टर चौराहों पर चिपका दिए थे. उनके इस फ़ैसले को हाईकोर्ट ने चुनौती दी थी.

हाईकोर्ट की तरफ से दी गयी चुनौती के बाद सीएम योगी ने यूपी रिकवरी ऑफ़ डैमेज टू पब्लिक एंड प्राइवेट प्रॉपर्टी करके कानून बनाकर अध्यादेश ला दिया. योगी सरकार द्वारा लाये गये इस अध्यादेश को अब राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने मंजूरी दे दी है. राज्यपाल की मंजूरी के बाद अब अध्यादेश को अधिसूचित कर दिया गया है. इस आदेश के बाद यूपी में दंगाईयों की खैर नहीं नहीं है.

गौरतलब है कि इस अध्यादेश को मंजूरी मिलते ही अब सरकार रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में क्लेम ट्रिब्यूनल बनाएगी. सरकार के इस फ़ैसले को किसी भी कोर्ट में चुनौती नही दी जा सकेगी. इतना ही नहीं सरकार द्वारा जारी किये गये नोटिस के बाद उनकी संपत्ति कुर्क कर ली जाएगी और साथ ही उनके पोस्टर भी लगा दिए जायेंगे ताकि कोई भी उनकी संपत्तियों को बेच न सके जब तक वसूली का पैसा जमा न हो जाए.