बुलंदशहर में साधुओं की ह’त्या पर राजनीति करने चले थे संजय राउत, योगी आदित्यनाथ ने उड़ा दी धज्जियाँ

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पहले महाराष्ट्र के पालघर और अब उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में हुई साधुओं की ह’त्या पर महाराष्ट्र सरकार और यूपी सरकार के बीच सियासी कुश्ती चालू हो गई है. महाराष्ट्र के पालघर में पुलिस की मौजूदगी में हुई जूना अखाड़े के दो साधुओं की बे’रह’मी से पूरे गाँव के लोगों ने लिं’चिंग कर दी थी. पालघर का’ण्ड के बाद महाराष्ट्र के क़ानून और व्यवस्था के साथ साथ उद्धव ठाकरे पर भी सवाल उठे थे. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को फोन कर दो’षियों पर कड़ी कारवाई करने की अपील की थी.लेकिन उद्धव ठाकरे और शिवसेना के नेता संजय राउत ने इसे अपना अपमान समझ लिया. अब उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में दो साधुओं की ह’त्या हुई तो उद्धव ठाकरे और संजय राउत ने इसे अपने अपमान का बदला लेने का मौका समझ लिया लेकिन योगी आदित्यनाथ ने ऐसा करारा जवाब दिया कि संजय राउत की छीछालेदर हो गई.

दरअसल बुलंदशहर में दो साधुओं की ह’त्या एक न’शेड़ी व्यक्ति ने आपसी रंजि’श में कर दी. इसपर संजय राउत ने तंज कसते हुए ट्वीट किया और अपने तथाकथित अपमान का बदला लेने वाले अंदाज में लिखा, ‘भयानक! बुलंदशहर, यूपी के एक मंदिर में दो साधुओं की ह’त्या, लेकिन मैं सभी से अपील करता हूं कि वे इसे सांप्र’दा’यिक न बनाएं, जिस तरह से कुछ लोगों ने पालघर मामले में करने की कोशिश की.’

संजय राउत आजकल कांग्रेस के साथ दोस्ती निभाने में इतने ध्यानमग्न हैं कि कि उन्हें आपसी सांजिश में सोते वक़्त दो साधुओं की चुपचाप ह’त्या और पुलिस की मौजूदगी में 200 लोगों द्वारा साधुओं की लिं’चिंग में कोई फर्क नहीं नज़र आ रहा. योगी आदित्यनाथ ने उन्हें ऐसा जवाब दिया कि संजय राउत अपना सा मुंह लेकर रह गए.

संजय राउत के ट्वीट के जवाब में CM योगी ऑफिस के ट्विटर अकाउंट से लिखा गया, ‘श्री संजय राउत जी, संतो की ब’र्बर ह’त्या पर चिंता करना राजनीति लगती है? उ.प्र. के मुख्यमंत्री जी ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री जी को फोन किया क्योंकि पालघर के साधु निर्मोही अखाड़ा से संबंधित थे. सोचिये, राजनीति कौन कर रहा है?’

एक अन्य ट्वीट में संजय राउत को जवाब देते हुए लिखा गया, ‘ मुख्यमंत्री योगी जी के नेतृत्व में उ.प्र. में काननू का राज है. यहाँ कानून तोड़ने वालों से सख्ती से निपटा जाता है. बुलन्दशहर की घटना में त्वरित कार्रवाई हुई और चंद घंटों के भीतर ही आरोपी को गिरफ्तार किया गया. महाराष्ट्र संभालें,यूपी की चिंता न करें.’

एक अन्य ट्वीट में अत्यंत कड़े शदों का प्रयोग करते हुए लिखा, ‘श्री संजय राउत जी,पालघर में हुई संतों की वी’भ’त्स ह’त्या पर चिंता व्यक्त करने को राजनीति कहने वाली आपकी वैचारिक (कु)दृष्टि को क्या कहा जाए? कुसंस्कारों में ‘र’क्त स्नान’ करती आपकी टिप्पणी,आपके बदले हुए राजनीतिक संस्कारों की परिचायक है. निःसंदेह यही तुष्टिकरण का प्रवेश द्वार है.’