योगी आदित्यनाथ ने कोरोना को देखते हुए सरकारी कर्मचारियों के लिए लिया ये बड़ा फैसला

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कोरोना वायरस का क’हर पूरे विश्व में मचा हुआ है. आये दिन किसी की मौ’त की खबर सामने आ जाती है. बाकी देश की तुलना में भारत के अंदर कोरोना का क’हर अभी कम है. उतना तेजी से फैला नही है. उसका कारण या है कि केंद्र की मोदी सरकार ने कोरोना से लड़ने के लिए पूरी तरह से कमर कस ली है. कोरोना को देखते हुए सभी प्रदेशों की सरकारों ने भी कोरोना के बचाव के लिए कई कदम उठायें हैं. वहीं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी कोरोना से बचने के लिए उत्तर प्रदेश में अब सरकारी कर्मचारियों के लिए भी एक अच्छा कदम उठाया है.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में कोरोना वायरस के बढ़ते खतरे को देखते हुए कई अहम निर्णय लिए गए हैं. ‘सरकारी कार्यालयों में भीड़ खत्म करने के लिए कर्मचारियों को घर से काम करने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी साथ ही प्रदेश सरकार ने कोरोना का मुफ्त इलाज किए जाने की घोषणा की है’

कोरोना के बचाव के लिए योगी ने मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया है. इसके अलावा यूपी में सभी परीक्षाएं, प्रतियोगी परीक्षाएं स्थगित कर दी गई हैं. साथ ही स्कूल-कॉलेज और सिनेमा घरों के बंद रहने की तारीख को और आगे बढ़ा दिया है. दरअसल यूपी में स्कूल-कॉलेज और सिनेमा घर 2 अप्रैल तक बंद करने के आदेश दे दिया गया है. योगी सरकार ने सभी ध’रना प्र’दर्श’नों पर भी रोक लगा दी गई है.


बैठक में मुख्यमंत्री ने कोरोना पर केंद्र सरकार की एडवायजरी का 100 फीसदी पालन करने को कहा है साथ ही प्रदेशवासियों से भी’ड़’भा’ड़ में जाने से बचने की अपील की है. प्रदेश के सभी पर्यटक स्थल 31 मार्च तक बंद रहेंगे. ये सब कुछ योगी अदित्यनाथ ने कोरोना के कहर को बढ़ता हुआ देखकर एतियातन ये कदम उठाया है. ताकि आम जनता को इस भ’याव’य वायरस से बचाया जा सके.