प्रवासी मजदूरों को लेकर योगी कैबिनेट का नया फैसला, कहा अब ये एजेंसी संभालेगी इनके रोजगार का जिम्मा

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कोरोना महामारी से लड़ने के लिए योगी सरकार मजदूरों को लेकर और अपने प्रदेशवासियो को लेकर कदम उठाते रहते है. अबकी बार योगी सरकार ने आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए रोजगार के साधन उत्पन्न करने का जिम्मा एक नई संस्थान को देने का विचार कर रहें है.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में संपन्न हुई कैबिनेट की बैठक में निवेश व रोजगार प्रोत्साहन के लिए एक नई संस्था इन्वेस्टमेंट प्रमोशन एंड फैसिलिटेशन एजेंसी गठित करने का फैसला किया गया है. नई संस्था जिसको बनाने के लिए योगी ने कहा है. इसमें उद्दयोग को ध्यान में रखते हुए इस संस्थान का गठन किया जाए और इसके प्रमुख खुद योगी आदित्यानाथ होंगे.

इसमें मुख्यमंत्री के अलावा और कौन कौंन शामिल होगा उन सभी संभावित लोगों के नाम सामने आ रहे है. जिसमें औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना और सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम व निवेश प्रोत्साहन मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह बतौर उपाध्यक्ष इसमें शामिल होंगे. संस्था के बोर्ड में संबंधित विभागों के उच्चाधिकारियों के अलावा विभिन्न औद्योगिक व वाणिज्यिक सेक्टरों के विशेषज्ञों को भी शामिल किया जाएगा.

इस संबंध में केंद्र सरकार की संस्था इन्वेस्ट इंडिया द्वारा एक प्रस्ताव तैयार कर भेजा गया था. उसके बाद केंद्र सरकार द्वारा भेजे गए सुझाव को भी शामिल करते हुए जल्दी ही एजेंसी की स्थापित की जाएगी. बता दें कि यह एजेंसी खासतौर पर प्रवासी मजदूरों के लिए रोजगार उत्पन्न करेगी और मजदूरों का प्रोत्साहन बढ़ाने का भी काम करेगी. 

कोरोना वायरस की वजह से प्रवासी मजदूर अलग-अलग प्रदेशों में फं’स गए थे. जिनको अब योगी सरकार वापस ले आई है. तो उनके रोजगार का भी इंतजाम किया जा रहा है. मजदूरों को उनके स्थान पर ही रोजगार मिल जाये  वो सबसे अच्छा रहेगा. इसी को देखते हुए योगी सरकार ने एक संस्थान बनाने के लिए कहा है. जिससे अपने घर वापस लौटे मजदूरों को रोजगार दिया जा सके और वो लोग अपने घर का पालन पोषण कर सकें. योगी द्वारा बनाई जा रही एजेंसी इस में अपनी अहम भूमिका निभा सकती है.