संन्यास के बाद पिता ने मांगी बेटे से आखिरी चीज, सीएम योगी ने इस तरह पूरी की पिता की इच्छा

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देश के अंदर कोरो’ना वायरस ने हाहाकार मचा रखा हैं. जिसकी वजह से आज पूरा देश लॉक डाउन हैं. वो भी इसलिए ताकि कोरो’ना को हराया जा सके. इन सबके बीच आज एक बहुत दु’खद खबर सामने आई और खबर थी यूपी के मुखिया योगी आदित्यनाथ और उनके पिता जी को लेकर. जिसको सुनने के बाद माहौल ग़मगीन हो गया.

आपको बता दें कि खबर थी कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पिता ने आज अंतिम सांस ली हैं. योगी के स्वर्गीय पिता आनंद सिंह बिष्ट उत्तराखंड के पंचूर गांव के रहने वाले थे वे वन विभाग में रेंजर पद से अवकाश ग्रहण करने के बाद घर पर ही रहते थे.

सामाजिक कार्यों में उनकी काफी रूचि थी, पंचूर गांव के रहने वाले कोटद्वार में शिक्षक बताते हैं कि सीएम योगी के गांव के आसपास 40-50 किलोमीटर की रेंज में कोई महाविद्यालय ऐसा नहीं था, जिसमें लड़कियों को पढ़ने की व्यवस्था हो. ऐसे में सीएम योगी के पिता ने उनसे एक महाविद्यालय की स्थापना कराने की बता कही थी. सीएम ने उनकी बात को मानते हुए 2005 में पंचूर गांव में महायोगी गुरु गोरखनाथ डिग्री कॉलेज की स्थापना की. उसकी देखरेख व प्रबंधन की जिम्मेदारी सीएम योगी ने अपने पिता को दे रखी थी.

पिता की मांग को बेटे ने पूरा कर दिया. उसके बाद वहां पर अच्छी शिक्षा दीक्षा के चलते बच्चे दूर-दूर से पढ़ने के लिए आते हैं. सीएम योगी के पिता चाहते थे कि शिक्षा की हर सुविधा गांव में ही उपलब्ध हो, उनका पूरा प्रयास रहता था कि बच्चों को तकनीकी शिक्षा दी जाए. योगी के पिता की मांग को पूरा करने के बाद आज वहां पर बच्चो को अच्छी शिक्षा दी जा रही हैं

हालाँकि आज जब पता चला कि योगी आदित्यनाथ के पिता ने दुनिया को अलविदा कह दिया तो उसके बाद आज पूरे गाँव में शो’क की लहर दौड़ गई और पूरा गाँव ग़मगीन हो गया.