क्या सनी देओल दिला पाएंगे भाजपा को गुरदासपुर सीट पर दुबारा जीत?

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ढाई किलो के हाथ वाले बॉलीवुड के एक्शन हीरो सनी देओल भारतीय जनता पार्टी का हाथ थाम चुके हैं. उन्होंने दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ली. इस मौके पर रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण और रेल मंत्री पीयूष गोयल भी मौजूद रहे.

पीयूष गोयल ने सनी देओल को अपनी फ़िल्मों से सेना का मनोबल बढ़ाने वाला बताया. साथ ही उन्हें नौजवानों को प्रेरणा देने वाला भी कहा. उन्होंने कहा कि जिस तरह सनी देओल परदे पर सभी को अच्छा सन्देश देते हैं, मुझे विश्वास है कि राजनीति में भी वो ऐसा ही करेंगे.

सनी देओल ने बताया कि जिस तरह उनके पिता और बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता धर्मेन्द्र भारतीय जनता पार्टी और अटल बिहारी बाजपेई जी से जुड़े हुए थे, ठीक उसी तरह वो भी प्रधानमंत्री मोदी के साथ जुड़ना चाहते हैं.

उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ़ करते हुए ये भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने देश के लिए बहुत कुछ किया है और देश को मोदी जी जैसे नेता की ही ज़रुरत है. इसके अलावा उन्होंने ये भी कहा कि वो चाहते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बने रहे.

साल 2004 से लेकर 2009 तक सनी देओल के पिता धर्मेन्द्र देओल बीकानेर से भारतीय जनता पार्टी के सांसद रह चुके हैं. इसके अलावा धर्मेन्द्र की पत्नी हेमा मालिनी भी मथुरा से सांसद थीं. वो दोबारा मथुरा से चुनाव लड़ रही हैं.

सनी देओल को लेकर भी ऐसे अनुमान लगाए जा रहे हैं कि वो भी पंजाब के गुरदासपुर से चुनाव लड़ सकते हैं. ये वही सीट है जहां से कभी बॉलीवुड के एक और अभिनेता विनोद खन्ना चुनाव लड़ते थे. उनके दुनिया से जाने के बाद साल 2017 के उपचुनावों कांग्रेस के सुनील जाखड़ को इसी सीट से जीत मिली.

अगर सच में भारतीय जनता पार्टी सनी देओल को इस सीट से चुनाव लड़ने के लिए टिकट देती है, तो मुकाबला देखने लायक होगा. सनी देओल की जीत या हार से इस बात का फैसला हो जाएगा कि राजनीति में उनका जलवा कायम होगा या नहीं.

सनी देओल की बहुत सी एक्शन मूवीज ऐसी हैं जिनके चलते वो आज भी अपने फैन्स के दिलों पर राज करते हैं. इन फिल्मों में घायल, घातक, जिद्दी, जीत, दामिनी, नरसिम्हा, ग़दर, माँ तुझे सलाम और फ़र्ज़ जैसी फिल्में शामिल हैं. उनकी इमेज वैसे तो बॉलीवुड में एक एक्शन हीरो की है लेकिन उन्होंने अपने करियर की शुरुआत एक रोमांटिक फिल्म बेताब से की थी.

इस फिल्म में उनके अपोजिट थीं अमृता सिंह. सनी देओल अपनी फ़िल्मी ज़िंदगी को अपनी असल ज़िंदगी से बिलकुल अलग रखते हैं. वो अपनी निजी ज़िंदगी के बारे में बहुत ज्यादा बातचीत नहीं करते. वो काफी रिज़र्व रहते हैं और अवार्ड फंक्शन, पार्टी नाइट्स में भी बहुत कम ही नज़र आते हैं.

वो अपनी फैमिली के बारे में मीडिया के सामने इतनी कम बातें करते हैं कि उनके बहुत से फैन्स तक उनकी पत्नी का नाम नहीं जानते होंगे. उनकी पत्नी का नाम पूजा देओल है. सनी देओल कभी भी उनके साथ पब्लिक प्लेस पर दिखाई नहीं देते.

साल 1984 में सनी देओल ने पूजा से शादी की. सनी देओल के दो बेटे हैं करण देओल और राजवीर देओल. फिलहाल तो सनी देओल अपने बेटे करण को बॉलीवुड में लांच करने की तैयारी में जुटे हैं, लेकिन एक दौर था जब बॉलीवुड के इन्हीं गलियारों में डिंपल कपाड़िया के साथ उनके अफेयर की फुसफुसाहटें गूंजा करती थीं.

ऐसा कहा जाता है कि जब डिंपल राजेश से अलग हुईं तब उन्होंने सनी के साथ कई फिल्में कीं. यही वो वक़्त था जब दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ गईं और दोनों को प्यार हो गया. इन दोनों की जोड़ी को स्क्रीन पर खूब सराहा गया. मंजिल-मंजिल, गुनाह, आग का गोला, अर्जुन और नरसिम्हा जैसी बहुत सी फिल्मों में उनकी केमिस्ट्री का जलवा दिखा.

इन दोनों का रिश्ता करीब 11 सालों तक चला, और उनके शादी करने तक की अफवाहें सुनाई दीं, लेकिन फिर कुछ वक़्त बाद उनके इश्क की ये फुसफुसाहटें कमज़ोर पड़ गईं. फिर कई सालों बाद, साल 2017 के आखिर में सामने आया एक वीडियो. ये वीडियो लन्दन  का था और इसमें एकसाथ नज़र आ रहे थे सनी देओल और डिंपल कपाड़िया.

इस वीडियो में दोनों एक-दूसरे का हाथ थामें दिखाई दिए. डिंपल कपाड़िया का एक हाथ सनी के हाथ में था और दूसरे में उन्होंने सिगरेट पकड़ रखी थी. उनके इस वायरल वीडियो ने दोनों के रिश्ते को सालों बाद खोलकर सबके सामने ला दिया.

ये सब भी हुआ, और होकर धुंधला गया, क्योंकि ये बॉलीवुड है और यहाँ इस तरह की खबरें आनी-जानी होती हैं.

खैर, आज हम बात इनकी राजनीति पर कर रहे हैं. आगे की राजनीति में नये- नये शामिल हुए सनी देओल का हर कदम देखने वाला होगा. राजनीति से जुड़ने के बाद, अगर उन्हें टिकट मिलता है तो फिर जनता फैसला करेगी कि उन्हें ‘जीत’ मिलेगी या तारीख पर तारीख.

देखिये हमारा वीडियो: