आम जनता के लिए सरकार के लोकलुभावन कदम, 5 लाख होने जा रही है आयकर छूट की सीमा

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आगामी 2019 लोकसभा चुनाव से पहले मोदी सरकार अपना अंतरिम बजट पेश करने वाली है. हर बार की तरह इस बार भी सरकार मध्यम वर्ग को बड़ी राहत दे सकती हैं. आम आदमी को टैक्स के मोर्चे पर बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है. सरकारी सूत्रों के अनुसार मीडियम क्लास को राहत देते हुए वित्त मंत्री इस बार आयकर छूट की सीमा बढ़ाकर दोगुनी कर सकते हैं .

अभी जो वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए 2.5 लाख रुपये है उसे बढ़ाकर 5 लाख रुपये करने की संभावना है.जबकि मेडिकल खर्चों और परिवहन भत्ते को भी फिर से बहाल कर सकते हैं । अगर ऐसा होता है तो इसका सबसे ज्यादा फायदा करोड़ो नैकरीपेशा लोगों को मिलेगा.

हालांकि अंतरिम बजट में बहुत अधिक मांगों को पूरा नहीं किया जा सकता है, लेकिन बीजेपी सरकार चुनावों को देखते हुए मध्य वर्ग को खुश करने की कोशिश करेगी।

सूत्रों के मुताबिक, इसलिए करों (टैक्स) के स्लैब को सिस्टेमेटिक करने की योजना बनाई गई है, जो किसी भी स्थिति में आगामी प्रत्यक्ष कर संहिता के अनुरूप होंगे। इसमें यह समस्या आ सकती है कि प्रत्यक्ष कर संहिता रिपोर्ट के आने से पहले आम बजट 28 फरवरी को आ जाएगा, जिससे रिपोर्ट जारी होने से पहले दरों से छेड़छाड़ इसे विवादास्पद बना देगा.

नई प्रत्यक्ष कर संहिता यानि की डायरेक्ट टैक्स कोड के दायरे में अधिक से अधिक कर निर्धारती को कर के दायरे में लाने की कोशिश की जाएगी, ताकि अलग-अलग वर्गो के करदाताओं के लिए अधिक न्यायसंगत प्रणाली बनाई जाए, कॉर्पोरेट टैक्स में कमी की जाए और व्यवसायों को प्रतिस्पर्धी बनाई जाए ।

वर्तमान समय में ये है टैक्स रेट

मौजूदा समय में आपको आपकी इनकम के मुताबिक 5 से 30 फीसदी तक टैक्स चुकाना पड़ता है. लेकिन 2.5 लाख रुपये की आय पर कोई टैक्स नहीं देना पड़ता है, जबकि 2.5 से 5 लाख रुपये के बीच की सलाना आय पर 5 फीसदी, 5 से 10 लाख रुपये की सलाना आय पर 20 फीसदी और 10 लाख रुपये से अधिक की सालाना आय पर आपको 30 फीसदी टैक्स देना पड़ता है.
हालांकि, 80 साल के अधिक की उम्र के नागरिकों को 5 लाख रुपये सालाना की आय पर कर छूट प्राप्त है।

आयकर छूट की सीमा बढ़ाने की उठती रही है मांग

मोदी सरकार जब से सत्ता में आई है ये मांग उठती रही है की आयकर छूट की सीमा को बढ़ाकर 5 लाख तक किया जाए. वित्त मंत्री अरुण जेटली ने 2014 में लोकसभा चुनाव के दौरान खुद यह मांग उठाई थी. उन्होंने एक कार्यक्रम में कहा था कि आयकर छूट की सीमा को 2 लाख से बढ़ाकर 5 लाख किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा था कि इससे 3 करोड़ से भी ज्यादा लोगों को फायदा पहुंचेगा.

लोकसभा चुनाव के पहले अरुण जेटली के पास ये आखिरी मौका है की अपना वादा पूरा कर ले. सरकार पर लगातार आरोप लगते रहे है की वो मध्यम वर्ग के लिए कुछ नहीं करते है लेकिन सरकार के ऐसे योजनाओं से सीधे तौर पर मध्यम वर्ग के लोगों को ही फायदा पहुंचने वाला है.
सरकार के इस कदम से आम जनता को काफी राहत मिलने वाली है. सरकार पर लग रहे ये आरोप सरकार के ऐसे कई योजनाओं के शुरुआत करने से खत्म नजर