ईरान भी कर सकता है पाकिस्तान पर बड़ी कार्यवाही!

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भारत द्वारा पाकिस्तान के खिलाफ की गयी एयर स्ट्राइक्स के बाद पाकिस्तान कि मुश्किलें कम होने का नाम ही नहीं ले रही हैं. भारत कि कार्यवाही का इतना बड़ा संकट टलने के बाद अब पाकिस्तान के ऊपर एक नया संकट मंडरा रहा है. हाल ही में ईरान और पाकिस्तान के बीच तनाव बिलकुल अपनी चरम सीमा तक पहुँच गए थे. दरअसल पुलवामा हमले के एक दिन पहले ईरान ने भी अपने 27 रेवोल्युशनरी गार्ड यानि अपने जवानों को एक आत्मघाती हमले में खोया था. इस हमले कि जिम्मेदारी पाकिस्तान कि ज़मीन से ऑपरेट कर रही एक आतंकवादी संगठन जैश-अल-आदल ने ली थी. भारत और पाकिस्तान में तनाव के चलते इस खबर के बारे में शायद आपने नहीं सुना होगा.

तो आइये आपको इस खबर के बारे में विस्तार से बताते हैं. ईरान में आत्मघाती हमले के बाद ईरान सरकार ने पाकिस्तान को एक सख्त चेतावनी दी थी. ईरान के जनरल कासिम सोलेमानी ने इस हमले के बाद पाकिस्तान से कहा, “मैं पाकिस्तान से पूछना चाहता हूँ कि आप किस दिशा में जा रहे हैं? आप अपने सभी देशों के बॉर्डर पर अस्थिरता क्यों फैला रहे हैं? क्या अभी भी कोई देश बचा है जहाँ आपने अस्थिरता फैलानी है? आगे वो पाकिस्तान को तंज़ कसते हुए कहते हैं कि आपके पास एटम बम है, उसके बाद भी आप इन आतंकियों के खिलाफ कार्यवाही नहीं कर पा रहे हैं! इसके आगे वो पाकिस्तान को कहते हैं कि पाकिस्तान हमारे सब्र कि परीक्षा न ले.

ईरान के विदेश नीति कमीशन के अध्यक्ष हेश्म्तोल्ला ने तो पाकिस्तान ईरान बॉर्डर पर दीवार तक बनाने कि बात कह दी. आगे वे कहते हैं कि ईरान पाकिस्तान में घुसकर एक्शन लेगा अगर पाकिस्तान ने आतंकवादियों के खिलाफ एक्शन नहीं लिया तो.

ईरान के सुप्रीम लीडर के सबसे खास आर्मी जनरल याह्या रहम सेफी ने भी पाकिस्तान को जोर कि फटकार लगाई है. उन्होंने कहा कि ये आत्मघाती हमले बलोचिस्तान कि एक ट्राइब द्वारा कराए जा रहे हैं जो पाकिस्तान कि ज़मीन से एक्टिव हैं और इसकी जिम्मेदारी पाकिस्तान सरकार और ISI की हैं.

ईरान कि आर्मी रेवोलुश्नरी गार्ड के कमांडर अली जाफरी ने पाकिस्तान को चेतावनी देते हुए कहा कि पाकिस्तान को पता होना चाहिए कि ऐसे आतंकवादी हमले की कीमत उनको चुकानी पड़ेगी क्योंकि ऐसे आतंकवादी संगठनों को सीधा संरक्षण पाकिस्तान की इंटेलिजेंस एजेंसीज का है. कमांडर अली  आगे कहते हैं कि पाकिस्तानी सिक्यूरिटी एजेंसीज को इन संगठनों के बारे में पूरी जानकारी है.

अफगानिस्तान की पूर्व इंटेलिजेंस एजेंसी के चीफ रहमतुल्ला नबिल जो कि अफगानिस्तान के आगामी चुनावों में राष्ट्रपति पर के उम्मीदवार हैं उनके मुताबिक पाकिस्तान कि ISI कम से कम 45 से 48 आतंकवादी संगठन को पाल रही है. और आतंकवाद पाकिस्तान कि एक स्टेट पालिसी बन गयी है. उन्होंने जो आगे बोला उसे सुनकर के तो पाकिस्तान को वाकई बहुत गुस्सा आया होगा. नबिल कहते हैं कि भारत को बालाकोट पर एयर स्ट्राइक बहुत पहले ही कर देनी चाहिए थी. साथ ही नबिल ईरान से भी कुछ ऐसे ही एक्शन कि उम्मीद करते हैं. वे कहते हैं कि ईरान को भी जैश-अल-अदाल के ऊपर खुद कार्यवाही करनी चाहिए.

गौर करने की बात ये है कि बीते कुछ सालों में ईरान और भारत ने अपने संबंधों में आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई करने पर विशेष बल दिया है. कहते हैं मरता क्या नहीं करता. तो पाकिस्तान के हालात भी कुछ ऐसे ही हैं. पुलवामा हमले के बाद पूरी दुनिया भारत के साथ है. ये भारत के लिए एक स्वर्णिम मौका होगा कि पाकिस्तान पर इतना दबाव बनाये कि पाकिस्तान मजबूर हो जाये इन आतंकवादी संगठनों के खिलाफ कार्यवाही करने में.