जाने,सफर के दौरान आखिर क्यों होती है वोमेटिंग

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अपने कई बार देखा होगा कि कई लोग चलती बस,कार में उल्टी यानी वोमेटिंग कर देते है। हो सकता है इस जमात में आपके रिश्तेदार या भाई बहन दोस्त भी हो। मेरे फ्रेंड सर्कल में भी कई ऐसे लोग है जिनसे  अगर कही घूमने की बात करो तो पहले तो वो बहाने बनाने लगते है है और बाई चान्स अगर वो साथ चल भी देते है तो वोमेटिंग कर देते है।

कई बार तो ऐसा भी हुआ कि उनकी वोमेटिंग की चपेट में आने से कई लोग बाल बाल बचे।
ख़ैर, ये सब तो ठीक है
लेकिन क्या आपने कभी पता करने की कोशिश की है सफर के दौरान ही लोगो को वोमेटिंग क्यो आती है। नही जानते तो चलिए आज आपको वही बताते है।वैज्ञानिको की बात को माने तो सफर के दौरान हमारे दिमाग को बॉडी के अलग अलग हिस्सों से तरह तरह के सिग्नल मिलते है जिसकी वजह से हमारे सेंट्रल नर्वस सिस्टम पर बुरा फर्क पड़ता है और हमे घबराहट, जी मिचलाना जैसी समस्याएं होने लगती है। इसको मोशन सिकनेस भी कहते है। नही समझे तो चलो और थोड़ा आसान करके समझाता हूं। 


1) हमारी बॉडी को चलाने में दिमाग का मेन रोल होता है। हम तभी देख और सुन पाते है जब दिमाग इसके  लिए सिग्नल देता है। अगर हम कुछ देख पा रहे है तो इसके लिए सिर्फ आंखे ही काम नही आ रही बल्कि हमको कुछ दिखाने में भी हमारे दिमाग भी का रोल  अहम है। आंख से दिखने वाले दृश्य जब तक दिमाग तक नही पहुचेगा तब तक वो हमको समझ में नही आएगा।

2) जब हम चलते है तब दिमाग मे देखने सुनने और हमारी गति  से रिलेट करते हुए तीन प्रकार के संकेतो में तालमेल बनता है  और अगर ये तालमेल ना बने तो  हमारा दिमाग कुछ समझ नही पाता और उसका सीधा असर हमारी हेल्थ पर पड़ता है।


3)जब तक दिमाग हमारे शरीर को ठीक से चलाता रहता है तब तक हमे कोई दिक्कत नही होती। जैसे ही हम गाड़ी में बैठकर सवारी करते है तो हमारा दिमाग  स्पीड,विज्वल यानी दृश्यों और गाड़ी की आवाज के  बीच सामंजस्य नही बिठा पाता जिसके चलते हमारा जी मिचलाने लग जाता है।
जब भी हमारी कार या बस मुड़ती या या उसमे से पेट्रोल डीजल की तेज स्मेल आती है तो मोशन सिकनेस का इफ़ेक्ट पड़ना शुरू हो जाता है। 


और उसका रिजल्ट ये वोमेटिंग ही होता है .


अगर आप सफर में अपनी गर्दन को व्यस्त रखते है  यानी सफर में अगर आप किताब पढ़ते है या मोबाइल में गेम खेलते है तो भी आपको मोशन सिकनेस अपना प्रभाव दिखा सकती है।

अब हम डॉक्टर तो है नही जो आपको इससे बचाव के डॉक्टरी सुझाव दे सकूं । बस थोडा सा  ज्ञान लोगो ने ही मुझे दिया था जो मैं आपको दिए देता हूँ।

अपने आपको अनकम्फर्टेबल सिचुएशन से बचाने चाहते है तो कोशिश करे कि बस या में आगे की तरफ ही बैठे क्योकि इससे झटके कम लगते है।

जिस दिशा में आपका वाहन चल रहा है उसकी विपरीत तरफ यानी उल्टी साइड मुँह करके ना बैठे।
जब भी उल्टी का मन करे तो गहरी सांस ले।
आप सफर में है और आपका मन अचानक से उल्टी का करे तो किसी वाहन को देखने की बजाय सड़क के लेवल से ऊपर देखे,थोडा सा ठीक लगेगा।
दूसरा हमेशा हल्का खाना खाकर ही सफर करे और हमेशा अपने साथ अदरक और अनारदाना चूर्ण रखे जब भी वोमेटिंग का मन हो तो इनको खा ले थोड़ा बहुत आराम मिलेगा ।