आखिर क्यों सोशल मीडिया पर ट्रेंड हुआ #arrestdeepakchaurasiya , जानिए इसके पीछे की पूरी कहानी

पिछले दो दिन से सोशल मीडिया पर एक ट्रेंड बड़ी तेज़ी से चल रहा है . जिसका नाम दिया गया है #arrestdeepakchaurasiya… इसे देखने के बाद ये समझना मुश्किल हो गया कि ये अब कौन सा कांड सामने आ गया… हालाँकि जब मैंने इस पर रिसर्च करनी शुरू की तो स्थिति पूरी साफ़ हो गई . दरअसल सोशल मीडिया पर चार पत्रकारों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है . ये चार पत्रकार है – दीपक चौरसिया , अजित अंजुम , अजय कुमार , पी7 न्यूज़ चैनल .  

आइये जानते है कि ये आरोपी क्यों कहे जा रहे है ? इन पर क्या आरोप है ? दरअसल आसाराम बापू केस में एक बच्ची का MMS सामने आया था और उस MMS को इन चारो पत्रकारों ने अपने अपने चैनल पर चलाया था . दीपक चौरसिया पर आसाराम केस में नाबालिक लड़की का MMS चैनल पर दिखने का आरोप था . इस केस में उनके खिलाफ गाज़ियाबाद में मामला दर्ज किया गया . जनवरी, 2014 में इलाहाबाद हाई कोर्ट द्वारा उनकी गिरफ़्तारी पर रोक लगायी गयी थी .

 दीपक चौरसिया टीवी एंकर और एक चैनल के एडिटर-इन –चीफ भी है , उन पर pocso का आरोप लगाया गया है और इसी के साथ अचानक सोशल मीडिया के निशाने पर आ गये है. रविवार को ट्विटर पर #arrestdeepakchaurasiya ट्रेंड करने लगा . आइये जानते है क्या है pocso कानून ?

Pocso एक्ट का पूरा नाम “ The protection of children from sexual offences act है . pocso एक्ट -2012  को बच्चो के प्रति यौन उत्पीडन और यौन शोषण और पोर्नोग्राफी जैसे जघन्य अपराध को रोकने के लिए महिला और बाल विकास मंत्रालय ने बनाया था . जिसके तहत अब 12 साल तक की बच्ची से रेप के दोषियों को मौत की सज़ा मिलेगी .

इसी Pocso केस में दीपक चौरसिया को सोशल मीडिया पर ट्रोल किया जा रहा है और अभद्र टिप्पणी की जा रही है और साथ ही इनकी गिरफ़्तारी की मांग की जा रही है.    

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