मोदी सरकार की योजना से तकलीफ या गरीबों से? ममता ने इस योजना से पश्चिम बंगाल को किया अलग

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हँसते-खेलते परिवार को तबाह कर देती है बीमारी! जिन्दगी भर की कमाई छीन लेती है बीमारी! बच्चों से माँ को छीन लेती है बीमारी! इलाज के लिए पैसे ना होने पर जान ले लेती है बीमारी!
बीमारियाँ कब, किसे हो जाए ..पता कहाँ चलता है? भगवान न करें..जरा सोचकर देखिये कि कभी कोई आपका अपना किसी गंभीर बीमारी की चपेट में आ जाए..जैसे..कैंसर..हार्ट फेलियर, ट्यूमर तो क्या होगा? ..पूरा परिवार परेशान हो जायेगा ना

. ऐसे एक दो नही हजारों परिवार हैं जो इस तरह की परिस्थितयों से हर रोज गुजरते है. ये दर्द पहली बार किसी प्रधानमंत्री ने समझा और बना दी आयुष्मान भारत योजना. इस योजना में पांच लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा कराकर 10 करोड़ लोगों को इस योजना में लाने लक्ष्य रखा गया है. जिसमे 60 फ़ीसदी खर्च केंद्र सरकार और 40 फीसदी खर्च राज्य सरकार देती है. इस योजना से गरीब परिवारवालों को स्वास्थ्य संबधी सुविधाएं प्राप्त करने में आसानी होगी. लेकिन जब किसी मह्त्वकांक्षी योजना से राज्य सरकारों को ही राजनीतिक तकलीफ होने लगे तो इसे क्या समझा जाए,उस प्रदेश की जनता के साथ सहानुभुति दिखाई जाए या राज्य सरकार की राजनीतिक सोच पर सवाल खड़ा किया जाए. जिसके मुख्यमंत्री इस योजना से राज्य को अलग कर रहे हैं .

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चार राज्यों के बाद अब पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता दीदी ने पश्चिम बंगाल को गरीबो की सबसे फायदेमंद आयुष्मान भारत योजना से बाहर करने का फैसला लिया है. मुख्यमंत्री बनर्जी ने इस योजना को बंद करने के लिए जो दलील दी है उसे सुनकर आपको इसके पीछे की पूरी रणनीति समझ आ जायेगी…उनका कहना है कि प्रधानमंत्री मोदी इस योजना को लोगों तक पहुँचाने के लिए अपनी तस्वीर को लगाकर घर घर प्रचार कर रहे हैं ऐसे में केंद्र सरकार को ही इस पूरी योजना का खर्च उठाना चाहिए और हमारे पास पहले से ही आयुष्मान योजना से बेहतर स्कीम अरोग्यश्री हैं. इस योजना से पहले ही केरल, उड़ीसा, पंजाब और दिल्ली बाहर हो चुके हैं. इन चारो राज्यों में गैर एनडीए सरकार है.


ममता जी आपकी योजना तो आपकी है तो अच्छी ही होगी..लेकिन सवाल खड़ा होता है कि आखिर जब आपकी योजना इतनी अच्छी है तो पश्चिम बंगाल बीमार क्यों हैं? अस्पतालों की हालत क्यों नही सुधर रही हैं? केंद्र सरकार की योजना से आपको तकलीफ हो सकती है लेकिन गरीबों की भलाई वाली योजना से आपको तकलीफ क्यों है?
केंद्र सरकार की आयुष्मान योजना ही नही, किसानों के लिए गयी फसल बीमा योजना पर भी ममता बनर्जी आपत्ति दर्ज करवा चुकी है. ममता बनर्जी को केंद्र सरकार की उन योजनाओं से परेशानी खड़ी हो रही है जिनमें प्रधानमंत्री मोदी का बड़ा योगदान है. इन योजनाओं को लागू करने से ममता बनर्जी को वोट बैंक में नुकसान होने की आशंका हो सकती है?
ममता दीदी आपके अस्पतालों की हालत ख़राब है. बच्चों की मौत लगातार हो रही है. अस्पताल की तरफ से लापरवाही बरती जा रही है. किसानों की हालत खराब है.आप इन बदहाल स्थितियों को बदलने की जगह आप मोदी सरकार की योजनाओं को बंद करने पर तुली हुई हैं. क्या पश्चिम बंगाल के लोगों को अच्छी जिन्दगी जीने का हक़ नही है? क्या उन्हें केंद्र सरकार द्वारा चलायी जा रही योजनाओं का लाभ नही मिलना चाहिए? ममता दी आप पश्चिम बंगाल के लोगों को देश से अलग मत कीजिये.