आखिर पाकिस्तान में ही क्यों हो रही है इमरान खान की बेइज्जती

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दो पडोसी देश, जो कभी एक ही हुआ करते थे.. दोनों के मुखिया अमेरिका के राष्ट्रपति के साथ मुलाकत कर चुके हैं.. एक देश के मुखिया ने जब अमेरिका के राष्ट्रपति से मुलाक़ात किया, मंच साझा किया तो दुनिया ने उसकी ताकत को देखा वहीँ जब दुसरे देश के मुखिया ने अमेरिका के राष्ट्रपति से मुलाक़ात की तो उसके ही देश में उसका मजाक उड़ने लगा. अब आप तो समझ ही गये होंगे कि हम किसके बारे में बात कर रहे हैं?

दरअसल पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की इस समय पाकिस्तान में ही जमकर आलोचना हो रही है..पाकिस्तानी मीडिया में इमरान खान का मजाक तक उड़ाया जा रहा है. वहीँ जब भारत के प्रधानमंत्री मोदी के साथ अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने मंच साझा किया तो पाकिस्तान में इसका असर साफ़ देखने को मिला.. और पाकिस्तान को एक कड़ा सन्देश मिला..

 हालाँकि सवाल तो यही है कि आखिर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री का मजाक क्यों बनाया जा रहा है? तो आपको बता दें कि जब इमरान खान अमेरिका जाने वाले थे उस वक्त उन्होंने अपने आवाम से बड़ी बड़ी बातें करके आये थे.. बड़े बड़े वादे करके आये थे लेकिन अमेरिका जाने के बाद इमरान खान ने ऐसा कुछ नही कर पाए जिससे उनके देश की आवाम खुश होती! यहाँ तक कि अमेरिका में पहुंचे इमरान खान के साथ कोई भी देश साथ खड़े होने तक को तैयार नही है.. इसी पर जब पाकिस्तानी मीडिया में चर्चा हो रही थी तो टीवी चैनलों पर कहा गया कि जब मोदी बोल रहे थे तो माहौल में चमत्कार हो रहा था और इमरान खान जब बोलते हैं तो माहौल में निराशा छा जाती है। पाकिस्तान का बच्चा-बच्चा अपने वजीर-ए-आजम से निराश है, हताश है. सबकी आंखों में उम्मीद थी लेकिन अब सबकी आंखों में सिर्फ और सिर्फ गुस्सा है क्योंकि मोदी के च्रकव्यूह में इमरान खान फंस गए हैं.. पाकिस्तानी मीडिया में यह भी कहा जा रहा है कि इमरान खान के दावे की पोल उसी वक्त खुल गयी थी जब ट्रम्प ने मोदी के साथ मंच साझा करने की बात स्वीकार कर ली थी.. गुब्बारे से हवा निकल चुकी है अब आप जो भी खिताब कर लेंगे उससे क्या कश्मीर वापस आ जाएगा..

दरअसल यहाँ गौर करने वाली बात ये भी है कि जिस कश्मीर के मुद्दे को लेकर इमरान खान डोनाल्ड ट्रम्प से मिलने वाले थे.. विश्व के बड़े नेताओं से भारत की शिकायत करना चाहते थे वहीँ नरेन्द्र मोदी ने 59000 हजार लोगों और ट्रम्प के सामने कह दिया था कि भारत में सब ठीक है और दूसरों के मामलों से कुछ लोगों को बड़ी दिक्कत होती है यहाँ सीधा इशारा पाकिस्तान की तरफ ही था.. साथ ही बिना नाम लिए ही डोनाल्ड ट्रम्प और मोदी ने आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान को कड़ा सन्देश भी दे दिया था. इसके बाद पाकिस्तान कश्मीर मुद्दे पर अपने आप पीछे हो गया था. पाकिस्तानी मीडिया में चल रहे डिबेट में यह भी कहा गया कि इमरान खान ने लोगों को गुमराह किया है.. जिस काउंसिल में हैं ही 47 देश हैं वहां वजीरे आजम ने कहा कि 58 मुल्कों ने हमें सपोर्ट किया।“

इतना ही नही पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने अमेरिका में इस बात को भी स्वीकार कर लिया है कि पाकिस्तान भारत के साथ युद्ध नही लड़ सकता. भारत का मुकाबला नही कर सकता. वहीँ कुछ दिन पहले तक पाकिस्तान के मंत्री भारत को धमका रहे थे. तेवर नर्म पड़ने के पीछे भी कई कारण है..

खैर ये बात तो सच है कि भारत के चक्रव्यू में पाकिस्तान फंस गया है. यही वजह है कि पाकिस्तान अब कश्मीर के मुद्दे को उठाने की बात तो कर रहा है लेकिन समर्थन किसी का भी नही मिल रहा है..