आखिर बालाकोट में ही वायु सेना ने हमला क्यों किया? ये रही वजह

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भारत की तरफ से किये गये कार्रवाई के बाद पाकिस्तान में हलचल मचा हुआ हैं. बैठकों का दौर चालु हैं. किसी को समझ नही आ रहा है कि आखिर कब भारत के फाइटर प्लेन आये और कब आतंकियों के अड्डों को तहस नहस किये और चले गये किसी को पता ही नही चल पाया…सुबह होते ही खुद पाकिस्तान ने इस बात के सबूत देता नजर आया कि भारतीय सेना के फाइटर जेट उनकी सीमा में गया था.. हालाँकि सेना ने अपना काम किया.. आतंकियों को काम तमाम किया और सुरक्षित अपनी सीमा में वापस आ गये… लेकिन यहाँ सोचने वाली बात तो यह है कि आखिर सेना ने कार्रवाई के लिए पाकिस्तान के बालाकोट को ही क्यों चुना..


दरअसल सरकारी सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक़ बालाकोट का प्रयोग आतंक की पौधशाला के निर्माण के लिए किया जा रहा था. इसके लिए उनको प्रशिक्षण पाकिस्‍तान का पूर्व अधिकारी दे रहा है. बालाकोट पाकिस्‍तान के खैबर पख्‍तून प्रांत के मानशेरा जिले में कुन्हार नदी के किनारे स्थित है. यहां आतंकी कैंप का प्रयोग हिजबुल मुजाहिदीन द्वारा किया जा रहा था. सूत्रों का कहना है कि आतंकी शिविर में कम से कम 325 आतंकी और 25 से 27 प्रशिक्षक थे, जो जैश-ए-मुहम्‍मद द्वारा संचालित किया जा रहा था। इसी आतंकी संगठन ने 14 फरवरी को कश्‍मीर के पुलवामा में आत्‍मघाती आतंकी हमले के लिए जिम्‍मेदारी ली थी.


यहाँ की शिविरों में लगातार आतंकियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा था… बालाकोट शहर से 20 किमी दूर स्थित यह शिविर जैश और अन्य आतंकी संगठनों के लिए एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण केंद्र था और इसमें नई भर्तियों और सुविधाओं को समायोजित करने के लिए कई प्रकार के स्‍ट्रक्‍चर था. यहां पर मसूद अजहर जैसे कई आतंकी आकाओं ने ट्रेनिग ले रहे लोगों को प्रेरणादायक बातें कही…
बालाकोट कैंप में उन्नत ‘दौरा-ए-ख़ास’ में आतंकियों को काफी ऊंचाई और अत्यधिक तनाव की स्थितियों में रणनीति बनाने, हथियारों और विस्फोटकों के बारे में, जमीनी रणनीति बनाने, सुरक्षा बलों के काफिले पर हमला, आईईडी लगाने, आत्मघाती बम बनाने, आत्मघाती हमलों के लिए वाहनों में धांधली आदि के बारे में प्रशिक्षण दिया जाता है.


सेना ने इसी कैम्प पर हमला किया और यहाँ प्रशिक्षण लेने वाले और प्रशिक्षण देने वाले दोनों को सेना ने खत्म कर दिया है. एक अनुमान के मुताबिक़ यहाँ लगभग 300 के आसपास आतंकी मारे गये हैं. यह अड्डा आतंकियों के प्रशिक्षण लेने का सबसे बड़ा गढ़ माना जाता था.. शायद यही वजह रही हो जिसकी वजह से भारतीय सुरक्षा एजेंसियां ने इस जगह को चुना…
तडके सुबह तीन बजकर तीस मिनट पर मिराज के फाइटर जेट ने देश के अलग अलग हवाई अड्डों से उड़ान भरी थी.. इसके ठीक आधे घंटे बाद अपना काम खत्म कर ये फाइटर जेट अपने अड्डे पर वापस आ गये.
हालाँकि अभी पाकिस्तान में बवाल मचा हुआ है… और भारतीय सेना लगातार स्थिति पर नजर बनाये हुए हैं, हर स्थिति में से निपटने के लिए तैयार बैठी है.

भारत कई बार पाकिस्तान को शान्ति की राह पर आकर आगे बढ़ने का आग्रह कर चुका है. आतंकियों पर कार्रवाई करने के लिए चेतावनी दे चुका है लेकिन पाकिस्तान इन सबसे बाहर नही आना चाहता. अब भारत आरपार की लड़ाई के मन में दिखाई दे रहा है.