आखिर केजरीवाल आज कल प्रधानमंत्री मोदी पर हमला क्यों नही बोल रहे हैं?

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पिछले काफी दिनों से आपने देखा होगा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल जी ने प्रधानमंत्री मोदी हमला नही बोला है.. वे बीजेपी पर निशाना साधते देखे जा सकते हैं आरोप लगाते हुए देखे जा सकते हैं लेकिन शीधे प्रधानमंत्री पर हमला नही करते हैं. पिछले कुछ समय के अपेक्षा इस समय केजरीवाल प्रधानमंत्री मोदी को लेकर नरमी क्यों बरत रहे हैं? जहाँ केजरीवाल हर दुसरे दिन मोदी पर जोरदार हमला बोलते थे वे केजरीवाल आज शांत क्यों है? आखिर इसके पीछे क्या कारण है? ये हम आपको आगे बतायेंगे लेकिन उससे पहले आपको बताते चलें कि अभी हाल ही में केजरीवाल ने एलजी के साथ भ्रष्ट अधिकारियों के रिटायरमेंट प्लान को लेकर एक बैठक की थी. ये बैठक भी पॉजिटिव रही. साथ ही पिछले कुछ दिनों से दिल्ली के विकास के कामों के लिए भी केंद्र सरकार के साथ मिलकर काम करने की बात केजरीवाल खूब बोल रहे हैं.

अरविन्द केजरीवाल के पिछले कुछ दिनों के ट्वीट पर नजर डाले तो यह साफ़ दिखता है कि दिल्ली की कानून व्यवस्था में सुधार से लेकर पानी समेत विकास कार्यों की कई योजनाओं को पूरा करने के लिए केंद्र के साथ मिलकर काम करने को तैयार हैं. ट्वीट ये ही ये भी पता चलता है कि वे दिल्ली के लोगों की भलाई के लिए केंद्र सरकार से या कहें मोदी से टकराव करने के मूड में फिलहाल दिखाई नही दे रहे हैं. अभी कुछ दिन पहले प्रधानमंत्री मोदी ने पानी बचाने और रोकने की अपील की थी तो उसके कुछ ही दिन बाद केजरीवाल ने दिल्ली में यमुना के किनारे तालाब बनाने की घोषणा कर दी. वहीँ केंद्र सरकार के सहयोग से दिल्ली के ओखला सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का भी शिलान्यास भी किया गया. देश के जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और अरविंद केजरीवाल ने मिल कर इस प्रोजेक्ट का शिलान्यास किया और ट्वीटर पर इसकी जानकारी भी दी. केजरीवाल ने ट्वीटर पर लिखा कि केंद्र सरकार के सहयोग के लिए बहुत बहुत शुक्रिया। मुझे विश्वास है कि हम मिलकर यमुना नदी को जल्द साफ़ करने में ज़रूर कामयाब होंगे।


दूसरी तरफ खुद अरविन्द केजरीवाल ने 21 जून को प्रधानमंत्री मोदी से मुलाक़ात की थी. प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात करने के बाद मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने कहा था कि दिल्ली सरकार के लिए जरूरी है कि केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार मिलकर काम करें. दिल्ली सरकार की ओर से भी पीएम मोदी को सहयोग का पूरा आश्वासन दिया गया. इसके साथ अरविन्द केजरीवाल मोहल्ला क्लीनिक और दिल्ली के स्कूलों में आने का न्यौता दिया था.. लेकिन सवाल ये है कि अचानक से केजरीवाल जी के दिल मोदी के लिए इतना प्रेम क्यों जग गया है? आखिर लगातार मोदी पर हमलावर रहने वाले केजरीवाल अब सहयोग से काम करने की बात क्यों कर रहे हैं.. दरअसल जल्द ही दिल्ली में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं और अब अरविंद केजरीवाल जान गए हैं कि सीधा टकराव का कोई लाभ नहीं मिलने वाला है. केजरीवाल दिल्ली की जनता को दिखाना चाह रहे हैं कि वह जनता की भलाई के लिए सहयोग दे रहे हैं. इसके साथ ही आपने देखा होगा कि लोकसभा चुनाव के वक्त केजरीवाल की तमाम कोशिशों के बाद भी कांग्रेस ने गठबंधन करने से मना कर दिया था. कांग्रेस के पास आप और आप के कांग्रेस के अलावा कोई और रास्ता नही था. गठबंधन होता तो इन्ही दोनों के बीच में होता लेकिन हुआ नही..अब केजरीवाल विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को यह दिखाना चाहते हैं कि वे बीजेपी के नजदीक जा रहे हैं इससे कांग्रेस पर दबाव बनाकर गठबंधन के लिए राजी कर सकते हैं.


अक्सर ये देखा गया कि केजरीवाल जी कहते हैं कि मोदी ने ये नही होने दिया.. मोदी ने वो नही दिया हम तो बहुत कुछ करना चाहते थे लेकिन अब सहयोग से मिलकर काम करना चाहते हैं.. लोकसभा चुनाव में हार के बाद केजरीवाल और नरम पड़ गये हैं कि दिल्ली की जनता को जितना हो सके काम करके दिखाना है वरना इससे भी बुरी स्थिति हो सकती है. खैर ये सब तो लोगो का कहना है सोचना है.. लेकिन असल में केजरीवाल जी के दिल में क्या है ये तो आने वाले समय में ही पता चलेगा? लेकिन केजरीवाल जी बदले बदले नजर आ रहे हैं या नही… ये आप कमेंट करने जरूर बताये