कौन हैं वो तीन लोग जिन्हें मध्यस्थता के लिए सलेक्ट किया गया है

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अयोध्या में रामजन्मभूमि मामले में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला आया है सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या राम जन्मभूमि का मामला बातचीत के जरिए सुलझाने को कहा है कोर्ट ने मध्यस्था के लिए किन लोगों को इसके लिए सलेक्ट किया है

श्री श्री रविशंकर जो पेशे से आध्यात्मिक गुरू हैं उनकी संस्था का नाम आर्ट ऑफ लिविंग है जिसकी स्थापना उन्होंने 1981 में की थी उन्हें भारत सरकार ने 2016 में पद्मविभूषण से सम्मानित भी किया था दूसरा नाम आता है जस्टिस कलीफुल्ला इनका पूरा नाम फकीर मोहम्मद कलीफुल्ला है जस्टिस कलीफुल्ला 22 जुलाई 2016 को सर्वोच्च न्यायालय से सेवानिवृत्त हुए हैं इसके बाद नाम आता है श्रीराम पंचू का श्री राम पंचू एक वरिष्ठ वकील हैं और कई मामलों में मध्यस्थता की भूमिका निभा चुके हैं

मध्यस्थता की कार्यवाही कैमरे के सामने की जाएगी इसकी प्रक्रिया फैज़ाबाद में होगी यह पूरी तरह से गोपनीय होगी सुप्रीम कोर्ट ने यह साफ कहा है की पैनल में शामिल लोग या संभंधित पक्ष कोई भी जानकारी नही देंगे इसको लेकर मीडिया रिपोर्टिंग पर भी पाबंदी लगा दी गई है वैसे अगर ये सवाल करोड़ों लोगों की भावनाओं का है, तो फिर फिर ये बातचीत खुली जगह पर होनी चाहिए ताकि हर पक्ष के लोग जान सकें कि क्या बातें हो रही हैं
यह केस दशकों से चलता आ रहा है, कोर्ट पर कोर्ट, तारीख़ पर तारीख़ पहले इस देश का उच्च न्यायालय का फैंसला आता है कि तीन हिस्से में जमीन को बांट लिया जाए इसके बाद फिर अपील होती है, तो सालों बाद सुप्रीम कोर्ट का फैंसला आता है की बैठकर बात कर लो


इस पर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कोर्ट के फैसले पर कहा, की ‘सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर सवाल नहीं उठाऊंगा अतीत में हल तक पहुंचने के प्रयास किए गए हैं, परंतु सफलता नहीं मिली भगवान राम का कोई भी भक्त और संत राम मंदिर के निर्माण में विलंब नहीं चाहता इस पर श्री श्री रविशंकर ने ट्वीट रखते हुए कहा की सबको साथ लेकर चलना है

इस पर ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य जफरयाब जिलानी ने कहा की हम मध्यस्थता पर सहयोग करेंगेदशकों से चल रहे इस केस में पहले भी राम मंदिर विवाद पर मध्यस्थता हो चुकी है लेकिन अभी तक इस मामले का कोई निपटारा नही हो सका है ऐसे में राममंदिर को लेकर लम्बे समय से चल रहे इस केस में मध्यस्थता से क्या हल निकलता है इसे भी देख लेते है