चमकी बुखार के बीच आखिर कहाँ गायब हो गये हैं तेजस्वी यादव?

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बिहार के मुज्जफरपुर में चमकी बीमार से अभी तक लगभग 140 बच्चों की मौत हो चुकी है. सरकार और मंत्री तब जागे जब मीडिया ने आइसीयू में घूस घूस कर डाक्टरों की ऐसी तैसी कर दी. इसके बाद सारे मीडिया यहाँ कूद पड़े.. केन्द्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री की नींद टूटी और सब दौर पर आ गये लेकिन हालात कितने बदले ये भी देखने वाली बात हैं?
अस्पताल में लगातार सरकार में बैठे नेताओं का दौरा जारी है लेकिन विपक्ष के नेता गायब है. मीडिया के सामने नही आ रहे हैं, सोशल मीडिया पर नही दिखाई दे रहे हैं. चुनाव तक सरकार पर जमकर हमला बोलने वाले आरजेडी के नेता तेजस्वी यादव कहीं नजर नही आ रहे हैं. सवाल खड़ा हुआ कि हर मुद्दे पर अपनी राय रखने वाले और सरकार को जमकर घेरने वाले तेजस्वी यादव कहाँ गायब हो गये? अचानक में सोशल मीडिया पर ये खबर सामने आई कि तेजस्वी लन्दन में वर्ल्ड कप देखने गये हैं. जब इस बात को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा तेज हुई तो आरजेडी के नेता सफाई देने के लिए सामने आये. हालाँकि बिहार के मुजफ्फरपुर में ही पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव को लेकर पोस्टर लगाए गए हैं. पोस्टर में तेजस्वी यादव को ढूंढने पर 5100 रुपये इनाम के तौर पर देने का ऐलान किया गया है.पोस्टर समाजिक कार्यकर्ता तमन्ना हाशमी की तरफ से लगाया गया है. हालाँकि आरजेडी के नेताओं का कहना है कि तेजस्वी यादव दिल्ली में हैं और मुजफ्फरपुर की स्थिति पर नजर बनाये हुए हैं लेकिन ना तो मीडिया के सामने आ रहे हैं और ना ही सोशल मीडिया पर कुछ लिख रहे हैं. आखिर तेजस्वी यादव विपक्ष की भूमिका क्यों नही निभा रहे हैं.


वैसे चमकी बुखार को लेकर मुख्यमंत्री नितीश कुमार मुजफ्फरपुर का दौरा कर चुके हैं. उपमुख्यमंत्री और कोई बड़ा नेता इस पर बोलने से बचता नजर आ रहा है. तुलना की जा रही है कि तुम्हारे शासन में कितने बच्चे मरे थे और हमारे शासन में कितने बच्चे मरे हैं लेकिन सच्चाई तो यह है कि मुजफ्फपुर का अस्पताल वाकई बेहद खस्ता हालात में हैं. बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहा है. एलान किया जा रहा है कि अब अस्पताल को और बढ़ाया जाएगा. सुविधाएं दी जाएँगी, नई इमारत बनायी जाएँगी लेकिन सवाल तो यही है कि जितने बच्चे मरे हैं उनका जिम्मेदार कौन है? अस्पताल, सरकार, या फिर डॉक्टर..
खैर आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने जिस ताम-झाम के साथ छोटे बेटे तेजस्वी यादव को अपना उत्तराधिकार सौंपा था, आज उसी तेजस्वी यादव के सितारे बेहद गर्दिश में हैं. महागठबंधन से लेकर उनकी पार्टी के नेता ही अब सवाल खड़ा कर रहे हैं कि AES के विकट समय में उन्हें बिहार में होना चाहिए था, लेकिन वे नहीं हैं. उनकी ही पार्टी के नेता उन पर तंज करने लगे हैं कि हो सकता है वे इंग्लैंड में क्रिकेट वर्ल्ड कप देखने गए हों! तो क्या उनके अपने ही तेजस्वी को अनुभवहीन और रणछोड़ साबित करने पर तुले हैं. सच्चाई तो यह भी है कि तेजस्वी यादव के ट्वीट कर देने और बयान देने से स्थिति में बदलाव नही आ जायेगा लेकिन जिस तरह हर मुद्दे को लेकर तेजस्वी यादव प्रमुखता से सरकार को घेरते हैं इस मुद्दे को लेकर वे गायब क्यों है? हालाँकि लोकसभा चुनाव के नतीजे सामने आने के बाद से ही तेजस्वी यादव गायब से हो गये हैं.

महागठबंधन उनके नेतृत्व में बुरी तरह हारा. सिर्फ एक सीट कांग्रेस ने जीती. आरजेडी तो एक सीट पर नहीं जीत सकी. इस हार ने पूरी आरजेडी को बुरी तरह हिलाकर रख दिया. सबसे अधिक झटका तो तेजस्वी यादव को लगा, जिन्होंने नेता से बडे़ नेता बनने के रास्ते पर अपने पैर बढ़ाए थे. पहला चुनाव अपने नेतृत्व में लड़ रहे थे और हार का सामना करना पड़ा था. वैसे हार के बाद राहुल गाँधी भी कुछ दिन के लिए छुट्टी मनाने विदेश चले गये थे, लेकिन संसद शुरू होने की वजह से उन्हें वापस आना पड़ा, ठीक इसी तरह अगर छुट्टी मनाने या शान्ति के लिए अगर तेजस्वी यादव कहीं गये हैं तो इसमें कोई गलत नही है लेकिन जब बिहार के लोग एक बड़ी आपदा झेल रहे हैं ऐसे में बिहार में उनकी उपस्थिति ना होने से सवाल तो खड़े होंगे ही! विपक्ष की भूमिका आखिर तेजस्वी यादव क्यों नही निभा रहे हैं.


हम उम्मीद करते हैं कि चमकी बुखार से पीड़ित जितने भी बच्चे सब स्वस्थ होकर घर लौटेंगे और आगे से इस तरह की वीमारी से बचने के लिए सरकारें कोई ठोस कदम उठाएंगी!