जब ट्रम्प के सामने पीएम मोदी ने उठाया ईरान का मुद्दा, देखिये क्या जवाब मिला

204

जापान में जी 20 शिखर सम्मेलन में भाग लेने गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की और दोनों नेताओं के बीच कई बड़े मुद्दों को लेकर बातचीत हुई. ओसाका में जी-20 शिखर सम्मेलन से इतर ब्रिक्स नेताओं (BRICS leaders) की अनौपचारिक बैठक में मौजूदा चुनौतियों से निपटने के लिए ‘पांच सुझाव’ दिए,, पीएम मोदी ने कम कीमत पर तेल और गैस की उपलब्‍धता पर जोर देते हुए एकतरफा फैसले थोपने के लिए परोक्ष रूप से अमेरिका पर भी सवाल उठाए इसके साथ ही आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान को भी घेरा. पीएम मोदी ने कह कि ‘आतंकवाद मानवता के लिये सबसे बड़ा खतरा है। यह सिर्फ निर्दोषों की ही हत्या नहीं करता बल्कि आर्थिक विकास और सामाजिक स्थिरता को भी बुरी तरह प्रभावित करता है। ’इस बैठक के साथ ही भारत अमेरिका और चीन की त्रिपक्षीय बातचीत भी हुई.

भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बीच भी मुलाकात हुई.. ट्रम्प और मोदी की यह बैठक ऐसे समय में काफी अहम मानी जा रही है जब व्यापार और अर्थव्यवस्था से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर दोनों देशों के संबद्धों में एक तरह की कड़वाहट देखने को मिल रही है।दोनों नेताओं के बीच ईरान, 5जी, द्विपक्षीय संबंध, रक्षा और व्यापार पर बातचीत हुई. प्रधानमंत्री मोदी ने ट्रंप के साथ बैठक के मुद्दों के बारे में बताते हुए कहा, ‘इस मीटिंग में हम 4 मुद्दों पर बात करेंगे, ईरान, 5जी, हमारे द्विपक्षीय संबंध और रक्षा संबंध।’ वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, ‘हम काफी अच्छे दोस्त बन गए हैं और हमारे देश कभी इतने करीब नहीं रहे। मैं यह बात पूरे यकीन के साथ कह सकता हूं। हम रक्षा समेत कई क्षेत्रों में एक साथ काम करेंगे। हम आज व्यापार पर भी बातचीत करेंगे।’ ​इसी के साथ प्रधानमंत्री मोदी की शानदार जीत पर बधाई देते हुए ट्रम्प ने कहा कि आप (आम चुनावों में जीत) डिजर्व करते थे। आपने काफी शानदार काम किया है। मुझे याद है कि जब आप पहली बार प्रधानमंत्री बने थे तब कई सारे धड़े थे जो एक-दूसरे के साथ लड़ाई में थीं, लेकिन इस बार वे साथ थे। यह आपके और आपकी क्षमता के लिए शानदार उपलब्धि है।’

जब प्रधानमंत्री मोदी ने इरान का मुद्दा उठाया तो अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि उनकी ओर इरान की और से संदेश वही है जो बीते तीन दिन से दिया जा रहा है. हमारे पास काफी समय है,कोई जल्दबाजी नहीं है. समय का कोई भी दबाव नहीं है. वे (ईरान) समय ले सकते हैं. मुझे उम्मीद है कि आखिरी तक कुछ न कुछ हल निकलेगा. अगर ऐसा होता है तो अच्छा होगा, अगर नहीं होगा तो आप खुद ही सुनेंगे. भारत के लिए ईरान बड़ा मुद्दा इसलिए रहा क्योंकि भारत इरान से तेल खरीदता है और अमेरिका और इरान के बीच आई तल्खी के बाद से ही ट्रम्प ने सभी देशों से कहा था कि वे इरान से तेल ना खरीदें.


जी-20 समिट में हिस्सा लेने के लिए रवाना होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मैं अन्य वैश्विक नेताओं के साथ दुनिया के सामने मौजूद मुख्य चुनौतियों और अवसरों पर चर्चा करने के लिए उत्सुक हूं। महिला सशक्तिकरण, डिजिटलाइजेशन और जलवायु परिवर्तन जैसी प्रमुख वैश्विक चुनौतियों का समाधान हमारी इस बैठक का मुख्य मुद्दा होगा। वहीँ पीएम मोदी से मुलाकात से पहले ट्रम्प ने ट्वीट कर कहा था कि “मैं इस तथ्य के बारे में प्रधानमंत्री मोदी के साथ बात करने के लिए उत्सुक हूं कि भारत, अमेरिका पर बहुत अधिक टैरिफ लाद रहा है. अभी हाल ही में टैरिफ में और भी वृद्धि हुई है. यह अस्वीकार्य है और टैरिफ को वापस लेना चाहिए.”


वहीँ विश्व के बड़े नेताओं ने पीएम मोदी की बात सुनी, मुलाकात की, बातचीत की, बैठक भी सकरात्मक रही.. अभी कई और नेताओं ने पीएम मोदी मिलने वाले हैं. यहाँ आपको यह भी बता दें कि बैठक में हिस्सा लेने के लिए जब पीएम मोदी जापान पहुंचे तो वहाँ भी जय श्री राम और मोदी मोदी के नारे लगे थे.