आज है इन्टरनेट का 30th हैप्पी बर्थडे, जानें इससे जुड़ी अहम जानकारियाँ

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जब भी मन में कोई सवाल आया.. या जब भी दिमाग को किसी शंका ने घेरा, हर सवाल.. हर दुविधा.. और हर शंका पर हमने कहा.. “बोलो इन्टरनेट माता की जय” और बस जवाब मिल गया.. पता ही नही चला कि कब इन्टरनेट हर किताब, हर अखबार, हर क्लास, लेक्चर बन गया.. और हमारी जिन्दगी का सबसे अहम हिस्सा बन गया.. इन्टरनेट की वजह से हमारी जिन्दगी कितनी आसान हुई है.. यह मुझे आपको बताने की ज़रुरत नही है

यह जो आप मिनट मिनट पर इन्टरनेट खोल कर बैठ जाते हैं..  कभी सोचा है कि इसकी शुरुआत कब, कैसे और किसने की.. आज हम आपको यह सब बताएँगे.. लेकिन अभी आप यह जान लीजिये कि इन्टरनेट के बारे में सारी जानकारी भी हमें खुद इन्टरनेट ने ही दी है…

इन्टरनेट की शुरुआत हुई आज से ठीक 30 साल पहले… सन 1989 में ब्रिटिश साइंटिस्ट टिम बर्नर्स ली द्वारा, WWW रीसोर्सेज और डॉक्यूमेंट्स का समूह होता है जो आपस में एक दूसरे से हाइपरटेक्स्ट से जुड़े हुए होते है

www यानि  world वाइड वेब की शुरुआत के पीछे एक ही उद्देश्य था और वो था अलग अलग instituitons और आर्गेनाईजेशन के साइंटिस्ट्स के बीच आसानी से जानकारी शेयर कर पाना..

दुनिया की इस सबसे पहली वेबसाइट का नाम था “cern” यह वेबसाइट इन्टरनेट पर आज भी मौजूद हैं, इन्फक्ट 2013 में cern ने अपनी सबसे पहली वेबसाइट को भी रिस्टोर किया.. दुनिया की इस सबसे पहली वेबसाइट का इंटरफ़ेस कैसा था वो आप info.cern.ch पर लॉग इन करके भी देख सकते हैं, इस सबसे पहली वेबसाइट पर आप इससे जुडी सारी जानकारी पा सकते हैं, प्रोजेक्ट से जुड़े लोगों के नाम इसकी हिस्ट्री. बिबलियोग्राफी सब कुछ.. कैसे कैसे प्रोजेक्ट डेवेलप हुआ उसमें क्या क्या बदलाव किये गए ये सारी जानकारी वेबसाइट होस्ट ने शेयर की है..

यह तो हुई world वाइड वेब यानि www की शुरुआत की बात.. लेकिन फिर 30 अप्रैल 1993 में world वाइड वेब को पब्लिक डोमेन पर डाल दिया गया.. वेबसाइट का ओपन लाइसेंस प्रोवाइड कराया गया.. जिससे इसका ज्यादा से ज्यादा प्रचार प्रसार हो सके और इन्टरनेट विश्व भर में प्रचलित हो सके.. और इसके बाद से world वाइड वेब का इस्तेमाल दुनिया भर में होने लगा.. www के 30 साल पूरे होने के अवसर सर्च इंजन गूगल ने अपना डूडल world वाइड वेब को समर्पित किया है, अपने इस डूडल से गूगल ने www के फाउंडर टिम के योगदान को भी याद किया है

आज इन्टरनेट ने किस हद तक हमारी जिन्दगी को सहज बना दिया है ये हम सब भली भांति जानते हैं, सोचिये अगर आज इन्टरनेट नहीं होता तो हम खोये हुए ही रहते.. पुराने दोस्त सिर्फ यादों में ही रह जाते.. ओन गो एंटरटेनमेंट, ओन गो इनफार्मेशन, ये सब सिर्फ सपनों में ही होता.. टेक्नोलॉजी के दौर में इन्टरनेट का ईजाद होना हम सभी के लिए बहुत बड़ी उपलब्धी है.. जिसने हमारी जिन्दगी को बिलकुल बदल कर रख दिया.. लेकिन जैसा कि कहा जाता है कि साइंस और टेक्नोलॉजी के जितने फायदे हैं.. उतने ही नुकसान भी.. यह आप पर निर्भर करता है कि आप उसका इस्तेमाल कैसे करते हैं.. यह आपकी सोच पर निर्भर करता है कि आप क्या सीखना चाहते हैं.. आज इन्टरनेट की वजह से ही ना जाने कितने परिवारों का कायाकल्प हो गया है.. गाँव और दूर दराज के इलाकों में बैठे लोग अपने काम को अपने हुनर को विश्व भर में प्रसारित कर पा रहें हैं.. बहुत कुछ नया सीख रहे हैं.. जागरूक हो राहें हैं.. वहीँ कुछ ऐसे लोग भी हैं जो इन्टरनेट के जरिये खुराफात भी कर रहे हैं और फिर अपनी ज़िन्दगी जेल की सलाखों के पीछे काटतें हैं.. तो टिम बर्नर ने 30 साल पहले हमें इन्टरनेट दे तो दिया मगर आपको इसका सदुपयोग करना है या दुरूपयोग यह आप पर निर्भर करता है