जानिए- कौन है वो IPS अफसर जिसे बचाने के लिए दिन रात कर दी हैं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ?

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हमारा देश यानि की भारत एक लोकतांत्रिक देश है….लेकिन क्या देश के हर एक राज्य में ये लोकतंत्र है…एक बड़ा सवाल हमसब के मन में उठ रहा है….1 फरवरी को हुए कोलकत्ता की घटना को देखकर….ये घटना तो हुई पश्चिम बंगाल में लेकिन सवाल पूरे देश के लोगों के मन में उठ रहा है…..लोग डर रहे है…ममता बनर्जी जैसे नेताओं के राज से..सवाल उठना लाज़मी भी है…सीबीआई जिसपर पूरा देश आंख बंद किए हुए यकीन करता है…जिसे देश की प्रशासनीक व्यवस्था में रीड़ की हड्डी मानी जाती है…उसके साथ जिस राज्य में इस तरिके से बर्ताव होता है…..उस राज्य के लोग कहां तक सुरक्षित हैं…

CBI ने 1 फरवरी को कोलकाता के पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार के घर पर छापेमारी की कोशिश की, तो बवाल मच गया…पुलिस कमिश्नर से पूछताछ की हसरत लिए पहुंची सीबीआई टीम को पुलिस ने घेर लिया..जबरदस्ती उन्हें पकड़ कर थाने ले जाया गया…इसके बाद सीबीआई के अधिकारियों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया, हालांकि बाद में इन्हें छोड़ दिया गया….

कुल मिलकर ये कहें कि अपने एक पुलिस कमिश्नर के लिए ममता बनर्जी ने सीधे केंद्र सरकार और सीबीआई से टक्कर ले ली है. आइए जाने कौन हैं ये पुलिस ऑफिसर जिसने बंगाल सहित पूरे देश की राजनीति में भूचाल ला दिया है?वह कहां से ताल्लुक रखते हैं और CBI उनसे पूछताछ करने क्यों गई थी? राजीव रहने वाले कहां के हैं और उनका पिछला रिकॉर्ड कैसा है?

कौन है राजीव कुमार ?

अफसर राजीव कुमार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का बेहद करीबी माना जाता हैं. राजीव कुमार 1989 बैच के पश्चिम बंगाल कैडर के IPS के अधिकारी हैं और इस समय कोलकता पुलिस आयुक्त हैं. वो कोलकाता पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) चीफ के रूप में भी काम कर चुके हैं. राजीव कुमार ने शारदा और रोज वैली चिटफंड घोटाला मामले की जांच करने वाली स्पेशल इनवेस्टिगेशन टीम (SIT) का भी नेतृत्व किया था. हालांकि राजीव कुमार मूल रूप से यूपी के चंदौसी के रहने वाले है लेकिन बाद में कोलकता स्फिट हो गए…

राजीव कुमार का पिछला रिकॉर्ड क्या हैं ?

पश्चिम बंगाल में साल 2013 में बहुत बड़ा घोटाला सामने आया था…जिसको हम शारदा और रोज वैली चिटफंड घोटाले के नाम से जानते है…राजीव कुमार सारदा चिटफंड घोटाले मामले में राज्य सरकार द्वारा गठित SIT के प्रमुख थे..बतौर SIT प्रमुख राजीव कुमार ने जम्मू-कश्मीर में सारदा के प्रमुख सुदीप्त सेन गुप्ता और उसकी सहयोगी देवयानी को गिरफ्तार किया था….

राजीव कुमार पर क्या आरोप है ?

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दरअसल, राजीव कुमार शारदा चिट फंड मामले में जांच के घेरे में है. राजीव के ऊपर जांच के दौरान गड़बड़ी करने के आरोप लगे हैं.. साथ ही कहा गया था कि इस जांच के दौरान घोटाला हुआ था….सूत्रों के मुताबिक, घोटाले की जांच से जुड़ी कुछ अहम फाइल और दस्तावेज गायब हैं. वहीं, सीबीआई गुम फाइलों और दस्तावेजों को लेकर पुलिस कमिश्नर से पूछताछ करना चाहती है.

सीबीआई क्यों गई थी राजीव कुमार के घर ?

सीबीआई ने इस मामले के कई अहम दस्तावेजों के कथित तौर पर गायब होने पर राजीव कुमार और अन्य अधिकारियों से जांच में सहयोग करने को कहा था, लेकिन वो सीबीआई के सामने पूछताछ के लिए पेश नहीं हुए. इस मामले में कोर्ट के आदेश पर CBI ने राजीव कुमार को आरोपित किया था।

सूत्र क्या कहते हैं ?

शारदा चिट फंड घोटाला बंगाल का एक बड़ा घोटाला है. जिसमें कई रसूखदार लोगों के हाथ होने का आरोप लगता रहा है. सूत्रों के मुताबिक इनके पास एक ऐसी डायरी मिली थी जिसमें चिटफंड से रुपये लेने वाले नेताओं के नाम थे। राजीव कुमार पर इसी डायरी को गायब करने का आरोप लगा है। आपको बता दें कि पश्चिम बंगाल के बहुचर्चित शारदा और रोज वैली चिटफंड घोटाला मामले में तृणमूल कांग्रेस के कई नेता भी आरोपी हैं. इस मामले में कई टीएमसी नेताओं को जेल भी भेजा जा चुका है…..

ये घटना तो हुई पश्चिम बंगाल में लेकिन सवाल पूरे देश के लोगों के मन में उठ रहा है…वैसे तो सभी पार्टियां भ्रष्टाचार के खिलाफ होने की बाते करती है..लेकिन अब ऐसे मामले में जहाँ एक ऑफिसर पर घनघोर भ्रष्टाचार के आरोप लग रहे हो… सीबीआई जांच का आदेश मिला हो उसके समर्थन में इस तरह लामबंद हो जाना….भ्रम पैदा करता है कि वास्तव में ये पार्टीयां भ्रष्टाचार के खिलाफ है या बस जनता को मूर्ख बनाने के सारे हथकण्डे होते है…..

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