क्या है #MiddleClassWithModi जो ट्विटर पर ट्रेंड कर रहा है

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आम आदमी की ताकत से कौन रूबरू नही है..आम आदमी के ही ताकत थी जो एक गरीब, चाय वाले को प्रधानमंत्री बना दिया..और आम आदमी की ही ताकत थी जिसने बड़े बड़े कद्दावर नेताओं से उनकी गद्दी चीन ली है. अब आम आदमी की ताकत का एक और ऐसा नमूना आपको बताने जा रहे है….MiddleClassWithModi क्या है ये #MCWM, सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते हुए मिडिल क्लास में आने वाले लोगों ने प्रधान मंत्री का सपोर्ट करते हुए इस #MCWM ट्रेंडिंग में पहुचा दिया.वैसे ये लोग कोई बहुत बड़े सोशल मीडिया सेलिब्रिटी नहीं थे, और न ही किसी राजनैतिक पार्टी के समर्थक थे। यह मिडिल क्लास के लोग है जिन्हें आम आदमी के नाम से जानते हैं.

इन सब के बीच कल कुछ अलग हुआ। ट्विटर पर पूरे भारत में एक हैशटैग ट्रेंड कर रहा था। #MiddleClassWithModi के इस टैग ने सबका ध्यान आकर्षित किया क्योंकि इसमें दो महत्वपूर्ण नाम थे, एक तो भारत के मिडिल क्लास , जो वर्षों से अपने लिए बेहतर भविष्य का सपना संजोए हुए है। वहीं दूसरा नाम वो था जो आज भारतीय राजनीति की एक धुरी बन चुका है…नरेंद्र मोदी! इसी साल लोकसभा चुनाव होने वाले हैं…प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ पूरा विपक्ष एक जुट हो रहा है…सालों से राजनीतिक दुश्मनी को भूलकर पार्टियाँ एकजुट हो रही हैं…लेकिन शुक्रवार को ट्वीटर पर जो भी कुछ देखने को मिला वो तो कुछ और ही इशारा कर रहा है, आईये दिखाते है आपको कुछ इकोनोमिकल इम्प्रूवमेंट ,कुछ हेलथ इम्प्रूवमेंट, सोशल जस्टिस जिन पर लोगो ने टट्रेंडिंग बना दिया .


बैंगलोर से अमित सिंह (@twit2amit) लिखते हैं कि पिछली सरकार में जहाँ होम लोन पर ब्याज दर 10.5% हुआ करता था, आज वही घटकर 9% से भी नीचे आ चुका है। इससे उनको बहुत राहत मिली है। बैंगलोर की स्मिता (@smitahegde25) लिखती हैं कि सरकार द्वारा कर्मचारियों को मिलने वाले ‘ग्रेच्युटी’ को टैक्स मुक्त करने की सीमा को 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख कर दिया गया है। इससे कर्मचारियों को बड़ी राहत मिली है। इसके साथ ही गीतिका स्वामी (@SwamiGeetika) ने एक वीडियो साझा किया है जिसमें एक दुकानदार यह समझा रहे हैं कि आखिर मोदी जी ने देश के लिए क्या किया है।

त्रिपुरा के अगरतला से अर्घ्य सहा (@ayhgra) ने बताया कि उनके पिता जी को हृदय रोग है।उनके इलाज के दौरान हृदय में लगने वाले स्टेंट को खरीदने में उन्होंने एक लाख रूपये तक बचाये हैं क्योंकि मोदी राज में इस स्टेंट की कीमत लाखों रुपयों से गिरकर अब मात्र कुछ हज़ार हो चुकी है।ऐसी ही एक घटना को साझा करते हुए संजीव शर्मा (@SanjivS20522739) ने बताया कि पिछले साल उनके पिता जी को हार्ट अटैक आया था जिसके बाद उनके हृदय में 2 स्टेंट लगे थे। इसका खर्चा ₹63,000 रुपये आया, जबकि पिछली सरकार में इसके दाम 4-5 लाख रुपये थे।
आँखों के डॉक्टर देव (@EyeKaDoctor) बताते हैं कि उनके लिये जन औषधि योजना, स्टेंट के दामों में कमी, घुटने का सस्ता ऑपेरशन, स्वास्थ्य बीमा इत्यादि मोदी जी के किये गए कुछ बेहतरीन कार्यों में से एक है। एक और ट्विटर यूजर बताते हैं कि कैसे उनके यहाँ एक कर्मचारी को अचानक ऑपेरशन करवाना पड़ा, परंतु परिवार आर्थिक रूप से इतना मज़बूत नहीं था। अब प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के चलते उसके परिवार को राहत मिली है।
वी.आर. प्रसाद (@vrprasad12) का कहना है कि 10% कोटा सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्गों तक पहुंचने के बाद उनको उम्मीद है कि उनके बेटे को भी अब नौकरी मिल जाएगी।
प्रतीक कुलकर (@KulkarPratik) लिखते हैं कि आर्थिक रूप से कमज़ोर तबकों को आरक्षण मिलना उनका एक सपना था। इसके साथ ही उन्होंने नोटबन्दी की भी तारीफ की है।

मिडिल क्लास हमेशा से सारी राजनैतिक पार्टियों के लिए बस एक वोट बैंक रहा है इससे ज्यादा कुछ भी नही ,मोदी सरकार ने भी मिडिल क्लास को लुभाने के लिए बहुत सारी योजना चलाये है ,चाहे फ्री में गैस सिलेंडर बटना हो या टैक्स में छूट हो या दबाई सस्ती करवाना हो. अब इसका परिणाम तो कुछ महीनो बाद सबको पता चल ही जायेगा ,लेकिन अभी तो ट्वीटर पर #MIDLLECLASSWITHMODI ही ट्रेंडिंग में है .