पश्चिम बंगाल में मॉ’ब लि’न्चिंग का शि’कार हुए किशनगंज के थानेदार का श’व देखते ही माँ ने त्या’गे प्रा’ण

शनिवार को सुबह 3 बजे के करीब पश्चिम बंगाल के ग्वालपोखर थाना क्षेत्र के पंतापाड़ा गांव में बाइक चो’री के मामले में छापेमारी करने गयी पुलिस की टीम पर भीड़ ने ह’मला कर दिया. इस हम’ले के दौरान किशनगंज टाउन थानाध्यक्ष अश्विनी कुमार की मौके पर ही मौ’त हो गई थी. जिसके बाद से ही मामले पर बवा’ल छिड़ गया है. साथ ही बंगाल पुलिस प्रशासन पर भी अब कई सवाल उठाये जा रहे है.

वही दूसरी तरफ मॉ’ब लि’न्चिंग का शि’कार हुए किशनगंज टाउन थानाध्यक्ष अश्विनी कुमार के पर्थि’व शरीर को जब उनके घर लगाया गया तो उनकी माँ इस सद’मे को बर्दा’श्त नहीं कर पायी और उन्होंने भी अपने बेटे की मौ’त के ग’म में अपने प्रा’ण त्या’ग दिए. जिसके बाद से इलाके में चारो तरफ मा’तम छा गया है. तो दूसरी ओर मृ’तक के परिजनों में आ’क्रो’श है. साथ ही उन्होंने आ’रोप लगाया है कि “थानाध्यक्ष के साथ गए पुलिस पदाधिकारी और पुलिस बल अगर वहां मौजूद रहकर एक भी गो’ली चला देते तो शायद भीड़ के चं’गुल से अश्विनी कुमार की जा’न बच जाती. थानेदार की साजि’श के त’हत ह’त्या की गयी है.”  

वही इस मामले में ला’परवा’ही करने के कारण सर्किल इंस्पेक्टर मनीष कुमार सहित सात पुलिसकर्मियों को निलं’बित कर दिया गया है. दरअसल बताया जा रहा है कि जब पश्चिम बंगाल के दिनाजपुर में भीड़ ने थानेदार अश्विनी कुमार को घेरा तो ये पुलिसकर्मी वहां से हट गए. जिस वजह से उन्हें अब नि’लंबित कर दिया गया है. इतना ही नहीं ह’त्या के मामले में पुलिस ने तीन लोगो को गिर’फ्तार कर लिया है. जिसमें फिरोज आलम, उसका भाई अबुजार आलम और इनकी मां सहीनुर खातुन शामिल हैं. साथ ही मुख्य आरो’पी फिरोज आलम है.

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