CAA के विरोध पर आर्मी चीफ विपिन रावत ने दी छात्रों को ये नसीहत

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नागरिकता संशोधन कानून को लेकर कुछ समय पहले तक देश में क्या हालात थे, वो हम सबको पता है अभी भी कई जगह यदा कदा इसको लेकर प्रदर्शन देखने को मिल रहे हैं.. हुडदंग मचाने वालों की वजह से अब भी कई जगह इन्टरनेट सेवायें बंद हैं. वहीं इसी बीच भारतीय सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने CAA के विरोध में विश्वविद्यालयों के द्वारा किये जा रहे प्रदर्शनों पर सवाल उठाए हैं.

CAA को लेकर हुए हिंसक प्रदर्शनों के दौरान देशभर में तोड़फोड़ की घटनाएँ देखने को मिली थीं जिसको लेकर बोलते भारतीय हुए सेना प्रमुख ने कहा कि में उन्हें नेता नहीं मानता जो जो हिंसा करने या भडकाने वाले लोगों का साथ देते हैं. में छात्रों से पूछना चाहता हूँ कि आप जब विश्वविद्यालयों से निकलकर हिंसा पर उतर आये तो क्या आपने एक बार भी सोचा कि क्या हिंसा भड़काना किसी तरह का नेतृत्व करना है.

विपिन रावत दिल्ली में आयोजित किये गये एक कार्यक्रम में शिरकत करने पहुचे थे जहाँ उन्होंने एक सभा को भी संबोधित किया.. इस दौरान ही उन्होंने ये बातें बोलीं..

उन्होंने अपने संबोधन के दौरान कहा कि असल में नेता वो नहीं है जो लोगों को अनुचित मार्ग पर ले जाये, या गलत मार्ग दिखने की कोशिश करे.. गौरतलब है उन्होंने हाल ही में छात्रों द्वारा सडकों पर उतरकर किये गये उग्र प्रदर्शन को लेकर ये सब बातें कहीं.. अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए वो बोले ‘’हाल ही में हमने ये देखा  कि कैसे पढ़े लिखे छात्र बड़ी संख्या में कॉलेजों और विश्वविद्यालयों से बाहर निकलकर आगजनी, पथराव और हिंसा जैसी चीजों को करने के लिए आम लोगों और भीड़ का नेतृत्व करने में लगे हुए थे.

गौरतलब है कि राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद बने नागरिकता संशोधन कानून (CAA) का हाल ही के समय में देशभर में खूब कड़ा विरोध देखने को मिला, कहीं शांतिपूर्णतरीके से शुरू हुए विरोध प्रदर्शन अचानक से हिंसक विरोध प्रदर्शन में बदले तो प्रशासन को डंडा उठाना पड़ा, इस दौरान प्रदर्शन की कई ऐसी तस्वीरें भी सामने आई जो चिंताजनक थीं.. प्रदर्शनकारियों ने सिस्टम से लड़ने के लिए पत्थर उठाये तो पुलिस को भी बल का प्रयोग करना पड़ा.. लेकिन अब हालात सामान्य नज़र आने लगे हैं..