भारत के हाथ आते आते रह गया भगोड़ा माल्या, आखिरी वक़्त में चला ऐसा दांव कि…

बैंकों का पैसा ले कर लन्दन भागा माल्या बुधवार को भारत आने वाला था. उसे भारत लाने की सारी तैयारियां पूरी हो चुकी थी. लन्दन के कोर ने भी उसके प्रतार्पण का आदेश दे दिया था. उसके आने की खबर भारत में फ़ैल गई थी. लेकिन फिर भी माल्या को भारत नहीं लाया जा सका. आखिरी वक़्त में उसने ऐसा दांव चला कि भारत के हाथ आते आते रह गया. माल्या को भारत प्रत्यर्पण का आदेश 3 फरवरी 2019 को जारी किया गया और इसपर अंतिम मुहर इस 14 मई को लग गई थी. लेकिन इसके बावजूद वो भारत के शिकंजे में आने से बच गया. ब्रिटेन के गृह मंतालय के सूत्रों के अनुसार उसने एक ऐसा गुप्त दांव चला जिसकी किसी को कोई उम्मीद नहीं थी.

ब्रिटेन में भारतीय उच्चायोग के एक अधिकारी ने बताया कि भले ही कोर्ट ने उसके प्रत्यर्पण का आदेश दे दिया हो लेकिन ब्रिटेन के क़ानून के तहत तब तक किसी का प्रत्यर्पण नहीं हो सकता जब तक सारे मामले सुलझ नहीं जाते. मीडिया द्वारा ये पूछे जाने पर कि इस माल्या ने किस दांव का प्रोग करके खुद को बचा लिया ? तो अधिकारी ने कहा , ‘यह गुप्त मामला है और हम इसके डिटेल में नहीं जाएंगे।. हम यह भी नहीं बता सकते है कि इस मामले के समाधान में कितना वक्त लगेगा. हम इसके जल्दी समाधान की कोशिश में लगे हुए हैं.’

प्रत्यर्पण मामलों के वकील मैलकम हॉक्स ने कहा, ‘माल्या पर फैसला आने के 28 दिन के भीतर भारत सरकार को उसके प्रत्यर्पण की कोशिश करनी चाहिए. अगर 28 दिनों के भीतर माल्या को प्रत्यर्पित नहीं किया गया तो वह फिर से कोर्ट में खुद को इस मामले से बरी करने की अपील कर सकता है.’ उन्होंने ये भी कहा कि अगर किसी कारणवास्ग भारत सरकार 28 दिनों के भीतर माल्या का प्रत्यर्पण नहीं हो पाता तो भारत सरकार कोर्ट में इस समयसीमा कको बढाने की अपील कर सकती है. इसके लिए भारत सरकार को एक वाजिब कारण कोर्ट को बताना होगा. जरूरत के हिसाब से कोर्ट प्रत्यर्पण की समयसीमा बढ़ा सकती है.

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