भगोड़े विजय माल्या को बड़ा झटका, कर्ज की वसूली के लिए कोर्ट ने दिया बड़ा आदेश

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भगोड़े कारोबारी विजय माल्या को तगड़ा झटका लगा है. प्रीवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के स्पेशल कोर्ट ने भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) और कई अन्य बैंकों को इजाजत दी है कि वो विजय माल्या की जब्त संपत्ति को बेचकर कर्ज की वसूली कर लें. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कहा था कि उसे इस वसूली में कोई आपत्ति नहीं है.

माल्या पर स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया समेत कई बैंको का 9 हज़ार करोड़ रुपये का कर्ज है. कर्ज न चूका पाने के बाद विजय माल्या देश छोड़ कर फरार हो गया और लन्दन चला गया. माल्या पर लन्दन में लोन न चुकाने, जालसाजी और मनी लॉन्ड्र‍िंग के मामले में ब्रिटेन में माल्या मुकदमे का सामना कर रहा है.

प्रीवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) कोर्ट के आदेश के बाद अब बैकों के सामने ये रास्ता साफ़ हो गया है कि अब वो अपने कर्जे की वसूली कर सकें. हालाँकि माल्या के वकीलों ने आपत्ति की थी कि यह केवल डेट रिकवरी ट्राइब्यूनल ही तय कर सकता है. हालांकि, स्पेशल पीएमएलए कोर्ट ने इस निर्णय पर 18 जनवरी तक स्टे लगाया है, ताकि माल्या इस आदेश के खिलाफ बॉम्बे हाई कोर्ट में अपील कर सकें.

दिसंबर महीने में विजय माल्या मामले में लंदन कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है. कोर्ट जनवरी में विजय माल्या पर फैसला सुना सकता है. भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के नेतृत्व में भारतीय सरकारी बैंकों के एक समूह ने ब्रिटेन के उच्च न्यायालय से भगोड़ा विजय माल्या को करीब 1.145 अरब पाउंड का कर्ज न चुकाने के आरोप में दिवालिया घोषित करने का आदेश देने की फिर से अपील की थी.