Videocon घोषित करने जा रहा है खुद को दिवालिया

294

पति पत्नी का रिश्ता आपसी समझ पर कायम होता है और सफल भी… इसलिए तो शादी के वक़्त भी एक दूसरे का साथ निभाने की बात की जाती है…,और हर सुख दुख में साथ निभाने की बात भी…

वैसे आप सोच रहे होंगे आज चौपाल शादियों पर क्यों बात कर रहा … तो हम आपको बता दें आज हम शादियों पर नहीं  कर रहे… एक बैंक घोटाले के बारे में बात करेंगे .. जिसमें एक विवाहित जोड़ा शामिल है…. जिन्होंने अपने आपसी समझ से ICICI बैंक को करीबन 1800 कड़ोर का झटका लगा दिया… हम बात कर रहे है चंदा कोचर और उनके पति दीपक कोचर की … जिनकी मिलीभगत से “icici- videocon” scam हुआ…

दरअसल, आपने भी देखा होगा की हमारे देश आजकल एक नया फैशन चल रहा है… जिसमें हर कंपनी बैंक का पैसा ना चुकाने के लिए अपने आप  को दिवालीया घोषित कर रही है…

इस रेस में पहले विजय माल्या थे… फिर नीरव मोदी … और फिर अब videocone electronics कंपनी भी इस  लिस्ट में शामिल होने के कगार पर है …

दरअसल बात कुछ ऐसी है,  वीडियोकॉन समूह के चेयरमैन वेणुगोपाल धूत ने कहा है कि उनकी कंपनी पर 90 हजार करोड़ रुपये का बकाया है……पिछले साल कर्ज लौटाने में डिफॉल्ट के बाद एसबीआई ने एनसीएलटी में याचिका दी थी…….दिवालिया कानून के नियमों के मुताबिक कंपनी के बोर्ड को निलंबित कर दिया गया है…. रोज के कामकाज के लिए रिजोल्यूशन प्रोफेशनल की नियुक्ति की गई है…..

एक अंग्रेजी अखबार के अनुशार वीडियोकॉन ग्रुप की करीब एक दर्जन कंपनियों पर 44000 करोड़ का कर्ज है….. सभी के खिलाफ लेनदारों ने मामला कोर्ट में डाला है…… आरबीआई ने भी दिवालिया संहिता के तहत कर्ज समाधान वाली सूची में वीडियोकॉन को रखा है…

हालांकि, वीडियोकॉन इंडस्ट्रीज की विदेशी इकाई को दिवालिया अदालत नहीं ले जाया गया है, क्योंकि वह अपना कर्ज का पुनर्भुगतान कर रही है….. वीडियोकॉन का करीब आधा कर्ज इसकी विदेशी इकाई का है……कंपनी के पास भारत समेत ब्राजील एवं कई अन्य देशों में भी संपत्तियां मौजूद हैं….

दरअसल कर्ज चुकाने के लिए पिछले दो साल में वीडियोकॉन ने अपनी कई संपत्तियां बेची है… इन्होने केनस्टार ब्रांड को एवरस्टोन कैपिटल से बेचा है….. वीडियोकॉन ने बैंकों को भेजे अपने आश्वासन पत्र में कहा था कि वह कर्ज चुकाने के लिए अपनी जमीन तक बेचेगी…… कंपनी का फोर्ट मुंबई में मुख्यालय था, जिसे पिछले साल ही 300 करोड़ रुपए में बेचा गया….. टाटा समूह ने यह मुख्यालय खरीदा था…..

वैसे वीडियोकॉन इंडस्ट्रीज के चेयरमैन वेणुगोपाल धूत को उम्मीद है कि वह बैंकरप्सी प्रॉसेस से बाहर निकल सकेगी. टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, धूत को उम्मीद है कि वह नए प्रावधानों का इस्तेमाल करेंगे, जिसके तहत यदि 90 फीसदी कर्जदाता सहमत हों तो केस को वापस लिया जा सकता है….. वेणुगोपाल धूत के मुताबिक, कंपनी के मामले में 100 फीसदी लेंडर्स नहीं चाहते कि कंपनी को नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल में ले जाया जाए..

आपको बता दें कि समूह की इस घोषणा के बाद से 54 बैंकों की बैलेंस शीट पर असर पड़ने की संभावना है…. समूह की दो कंपनियां वीडियोकॉन इंडस्ट्रीज लिमिटेड (वीआईएल) और वीडियोकॉन टेलीकम्यूनिकेशन लिमिटेड (वीटीएल) कर्ज के बोझ तले दबी हैं…..

videocon के वीआईएल पर आईडीबीआई बैंक के 9,561.67 करोड़ रुपये, आईसीआईसीआई बैंक के 3,318.08 करोड़ रुपये बकाया हैं…. जबकि वीटीएल पर सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के 3,073.16 करोड़ रुपये और 1,439 करोड़ रुपये आईसीआईसीआई के बकाया है…..आईसीआईसीआई बैंक के वीआईएल पर 3,318.08 करोड़ और वीटीएल पर 1,439 करोड़ रुपये बकाया हैं…..

मसलन इन कंपनियों ने ज़रुरत और bussiness के लिए भले पैसे ले लिए लेकिन वक़्त पर कभी नहीं लौटाया… और आज कंपनियां खुद को दिवालिया घोषित कर रहीं है.. वैसे इन्होने अच्छा स्कीम बना रखा है… पहले पैसे बैंक से लो फिर वापस ना करों …

इनलोगों की बात अलग है .. बड़े लोग है भाई ये सब …गौरतलब सोचने वाली बात यह है कि कल जब हम और आप जैसे लोगों को लोन की ज़रुरत पड़ेगी किसी bussiness के लिए तो शायद बैंक हमे देने से डरेगा.. वो कहते है न दूध का जला छाछ भी फूक फूक के पीता लेकिन यहाँ तो बैंक बार बार जले है…