सांसदों की हरकत पर भड़के वेंकैया नायडू ने दी कड़ी नसीहत कहा “आगे से ऐसा नही होना चाहिए”

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लोकसभा के दोनों सदनों में अलग अलग मुद्दों पर हंगामा होता रहता है. लोकसभा और राज्यसभा में विवादित बयानों और असंसदीय हरकतों के बाद कभी सत्ता पक्ष तो कभी विपक्ष हंगामा करता ही है लेकिन गुरुवार को सदन में कुछ ऐसा कि सभापति और उपराष्ट्रपति वैंकैया नायडू भड़क गये और कहा कि आगे से ऐसा नही होना चाहिए.

दरअसल उच्च सदन यानि राज्यसभा में आरटीआई संसोधन विधेयक को प्रवर समिति में भेजने के विपक्ष के कुछ सदस्यों के प्रस्ताव पर मतदान हो रहा था लेकिन इसी बीच बीजेपी के सांसद सीएम रमेश को कुछ लोगों ने सदस्यों से मतदान पर्ची लेते और देते देखा. जिसका विपक्ष ने विरोध किया. इसके बाद हंगामा शुरू हो गया. कांग्रेस की विप्लव ठाकुर और रिपुन बोरा, रमेश के पास गये और उनसे मतदान की पर्चियां छीनने का प्रयास किया. अन्य विपक्षी सदस्यों को भी इस बात पर आपत्ति जताते हुए देखा गया.

हंगामा करते हुए विपक्ष के कुछ नेता सभापति के आसान के सामने आकर हंगामा और नारेबाजी करने लगे. इसके बाद गुलाम नबी आजाद ने कहा कि सरकार सदन को किसी सरकारी विभाग की तरह चलाने का प्रयास कर ही है. हालाँकि नतीजा घोषित किये जाने से पहले विपक्ष सदन से वाक् आउट कर गया. इसके बाद इस पूरे घटनाक्रम पर सभापति ने सभी सांसदों की कड़ी नसीहत दी है.

सभापति ने कहा कि “कल जो कुछ सदन में हुआ, वह दुखदायी है ओर नहीं होना चाहिए था. यह परंपरा रही है कि किसी विधेयक पर अगर कोई संशोधन लाया जाता है तो उस संशोधन तथा विधेयक पर चर्चा साथ साथ होती है. चर्चा के बाद आवश्यकता के अनुसार मतदान होता है. मतदान के दौरान किसी तरह की कोई आवाजाही नहीं होनी चाहिए, न ही कोई बातचीत होनी चाहिए.” “सामान्य स्थिति में भी काम के दौरान सदस्यों का अपनी सीट से उठ कर दूसरे के पास जाना या बात करना अगर जारी रहे तो इससे व्यवधान होता है.” इस सभापति का सांसदों के लिए कड़ी नसीहत के तौर पर देखा जा रहा है.

हालाँकि विपक्ष के प्रस्ताव पर वोटिंग हो चुकी थी और उपसभापति हरिवंश ने नतीजे भी घोषित किये. जिसमें विपक्ष का प्रस्ताव 75 के मुकाबले 117 मतों से खारिज कर दिया गया. इसके बाद सदन ने आरटीआई संशोधन विधेयक को ध्वनिमत से पारित कर दिया.