वंदे भारत मिशन के तहत हुई भारतीयों की सबसे बड़ी घर वापसी

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कोरोना वायरस में लगभग देशों के अंदर लॉकडाउन की स्तिथि बनी हुई हैं. अपने देश के कई लोग दुसरे मुल्क में फं’स गए हैं. जिनको लाने के लिए एयर इंडिया ने कदम उठाया हैं. एयर इंडिया के ये लोग फं’से हुए लोगों के लिए भगवान साबित हो रहें हैं. एयर इंडिया उन लोगों को ला रही हैं जो  दुनिया के अलग-अलग जगह पर फं’स गए हैं. आज एयर इंडिया की वजह से इनकी घर वापसी हो पा रही हैं.

 एयर इंडिया की फ्लाइट के अंदर मौजूद पायलट, स्टाफ और  एयरपोर्ट पर मौजूद स्टाफ सभी वंदे भारत मिशन के हीरोज हैं. ये वो जाबांज जवान है जो अपनी जा’न की परवाह किये बिना ही फं’से हुए लोगों को वतन ला रहे हैं. विमानन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बताया था कि ‘एयर इंडिया 7 से 13 मई तक 12 देशों के लिये 64 उड़ानों का संचालन करके कोरोना वायरस लॉकडाउन की वजह से विदेश में फं’से करीब 15000 भारतीयों को वापस लाएगी.’ एयर इंडिया ने अपने मिशन की शुरुआत कर दी हैं.

कोरोना वायरस के बीच आज एयर इंडिया की फ्लाइट सिंगापूर से 234 भारतीयों को वापस अपने वतन लेकर आई हैं. सिंगापूर से लाये गए सभी यात्रियों को दिल्ली एअरपोर्ट पर उतरा गया हैं. वहां पर उन सबकी थर्मल स्क्रीनिंग, सोशल डिस्टेंसिंग सबका पालन  किया गया हैं. एयर इंडिया फ्लाइट के अंदर जितने भी क्र मेम्बर थे वो सब लोग पूरी तरह से प्रोटेक्टेड थे. वो सब लोग PPE किट में थी.

एयर इंडिया की एक फ्लाइट 7 तारीख अबुधाबी गई थी. जहाँ से 177 यात्रियों और 4 नवजातों को कोच्चि लैंड करवाया गया था. फिर दूसरी फ्लाइट 177 भारतीयों और 5 नवजातों को लेकर दुबई से कोझिकोड आई. कोरोना वायरस महामारी की वजह से भारत ने बांग्लादेश में फंसे 168 भारतीयों को वापस अपने देश लेकर आई हैं.

जो छात्र बांग्लादेश से वापस आयें हैं उनको भी ‘अभियान वंदे भारत-स्वदेश वापसी’ के तहत लाया जा रहा है. इसी के साथ समुद्रसेतु नेवी भी वन्दे भारत का हिस्सा हैं और समुद्र्सेतु जो भारतीय नेवी का जहाज है उसे करीब 750 लोगों को मालदीव से कोच्चि लाया गया हैं. समुद्रसेतु भी वंदेभारत का ही हिस्सा है. नौसेना ने उन लोगों को लाने का काम किया है जो लॉकडाउन में दुसरे देश में फं’स गये थे. इस मिशन को नौसेना ने समुद्रसेतु का नाम दिया है.