केंद्रीय मंत्री वी के सिंह ने गलवान घाटी में हुई झड़प को लेकर किया है ऐसा खुलासा कि विरोधियों की बोलती बंद हो जाएगी !

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चीन के साथ गलवान घाटी में हुई झड़प के बाद भारत सरकार एक्शन में आ गयी है और सेना को खुली छूट दे दी है. वहीँ इस इस मामले को लेकर राजनीति भी तेज हो गयी है. विपक्षी दल लगातार सरकार पर निशाना साध रहे हैं. पीएम मोदी खुद ये बात सभी के सामने कह चुके हैं कि हमारे जवानों का बलिदान बेकार नहीं जायेगा. मोदी सरकार ने चीन को एक के बाद एक बड़े झटके देने की तैयारी शुरू कर दी है.

जानकारी के लिए बता दें गलवान घाटी में हुई इस झड़प के बाद पूरे देश में चीनी सामानों के बहिष्कार की भी मांग तेज हो गयी है. इसी बीच केंद्रीय मंत्री और पूर्व आर्मी चीफ जनरल वी के सिंह ने भारत और सैनिकों के बीच गलवान घाटी में हुई झड़प के बीच के दौरान का एक बड़ा खुलासा किया है जिसे जानने के बाद विपक्षी दल की बोलती बंद हो जाएगी. उन्होंने कहा है कि चीन ने ही भारत के सैनिक लौटाए हैं बल्कि चीन के सैनिक भी भारत के कब्जे में थे.

वी के सिंह ने एक इंटरव्यू के दौरान कहा ‘कुछ मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन ने कुछ भारतीय सैनिकों को पकड़ा था और उन्हें लौटाया है. इसी तरह हमने भी चीन के कुछ सैनिकों को पकड़ा था और फिर उन्हें छोड़ दिया गया.‘ इसी के साथ उन्होंने कहा कि इस झड़प में हमारे सैनिकों ने चीन के दोगुने सैनिक मा-र गिराए थे. उन्होंने कहा हमारे सैनिकों ने बदला लेकर श’हा’दत दी है.

गौरतलब है कि पूर्वी लद्दाख की सीमा पर भारत और चीन के सैनिकों के बीच 15 जून को हिंसक झड़प हुई थी. जिसमें एक कर्नल सहित 20 जवान श-ही-द हुए थे. इस झड़प में चीन के 43 सैनिक ह’ताह’त हुए. हालाँकि चीन ने अपनी किरकिरी के चलते अभी तक इस बात की अधिकारिक पुष्टि नहीं की है. वहीँ पूर्व आर्मी चीफ वी के सिंह ने कहा है कि गलवान घाटी का जो हिस्सा भारत के पास था वो अब भी है. उन्होंने कहा, ‘झगड़े की जड़ पेट्रोल पॉइंट 14 है जो अब भी भारत के नियंत्रण में है. गलवान घाटी का एक हिस्सा उनके पास है और एक हिस्सा अब भी हमारे पास है. चीन 1962 से वहां बैठा है लेकिन हम भी वहां से नहीं हिले हैं.