कभी सिर पर ढ़ोती थी मैला, अब मोदी सरकार ने दिया पद्मश्री सम्मान

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राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित तो बहुत लोग हुए है लेकिन इस साल कुछ इसे भी लोग राष्ट्रीय पुरस्कार  से सम्मानित हुए हैं जिनके बारे में कोई भी नहीं जानता. ऐसे ही कुछ लोगों को भी पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया हैं. केंद्र सरकार ने गणतंत्र दिवस से एक दिन पहले 2020 के पद्म पुरस्कार का ऐलान किया. जिसमें 7 हस्तियों को पद्म विभूषण, 16 शख्सियत को पद्म भूषण और 118 लोगों को पद्मश्री से सम्मानित किया गया हैं.

वही राजस्थान के अलवर जिले में मैला ढ़ोने वाली महिला को मोदी सरकार कि तरफ से पद्मश्री पुरस्कार दिया गया हैं. जिसके बाद से ही महिला के घर लोगों का आना जाना लगा हुआ हैं. बता दे ये महिला राजस्थान के अलवर जिले में लोगों के घरों से मैला उठाने का काम करती थी. जिस वजह से लोग उसके उसके साथ दूरी बना कर रखते थे और उसे अछूता भी समझते थे. लेकिन पुरस्कार मिलने के बाद से ही लोग उसके घर आकर बधाइयों दे रहे हैं. वही उषा चौमड़ ने बताया की वो इतने बड़े पुरस्कार को पाकर गर्व महसूस कर रही हैं. उन्होंने कभी नहीं सोचा था की इतना बड़ा सम्मान उन्हें कभी मिलेगा भी.

उषा चौमड़ ने अपने जीवन के पलों को याद करते हुए कहा की जब सात साल की  थी तब अपनी माँ के साथ मैला ढ़ोने का काम शुरू किया था. उसके बाद दस साल कि उम्र में शादी हो गयी और 14 साल की उम्र में गोना हो गया. ससुराल में उनके सास दो ननद, देवरानी और जेठानी के साथ उन्होंने फिर मैला ढ़ोने का काम शुरू किया. उषा चौमड़ बताती हैं लोग उनके काम को छुआछूत से जोड़ते हैं और इस काम को बुरा समझते हैं. कभी उन्हें प्यास भी लगती थी तो पानी भी ऊपर से पिलाते थे. लेकिन मोदी सरकार ने उन्हें इस पुरस्कार से सम्मानित किया हैं.