चीन के खिलाफ अमेरिका ने उठाया ऐसा कदम कि फंस गया पाकिस्तान, इमरान के लिए इधर कुआँ तो उधर खाई

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चीन का भारत के साथ तनाव के बाद अब अमेरिका के साथ भी उसका तनाव चरम पर पहुँच गया है. अमेरिका ने अब खुलकर चीन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है लेकिन इससे पाकिस्तान मुश्किल में फंस गया. पाकिस्तान के लिए इधर कुआँ और उधर खाई वाली स्थिति हो गई है. क्योंकि एक तरफ तो उसका चहेता चीन है जिसके कर्जों पर बल पर पाकिस्तान जी रहा है तो दूसरी तरफ अमेरिका है जिसे नाराज करने का जोखिम पाकिस्तान नहीं ले सकता , क्योंकि अमेरिका से भी पाकिस्तान अरबों डॉलर की मदद मिलती रहती है.

मामला दरअसल ये है कि अमेरिकी सीनेट ने एक बिल पास किया है जिसमे उइगुर मुस्लिमों का उत्पीड़न करने के जिम्मेदार चीनी अधिकारियों पर प्रतिबंध लगाने की बात है. ये बील भारी बहुमत से पास हुआ है. अब इस बिल को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मंजूरी के लिए व्हाइट हाउस भेजा गया है. इस बात में कोई शक नहीं कि ट्रम्प इस बिल को मंजूरी दे ही देंगे. इस बिल के पास हो जाने के बाद मानवाधिकारों का हनन करने पर चीन पर प्रतिबंध लगाया जा सकेगा. अमेरिका के इस कदम के बाद चीन और भड़क जाएगा. क्योंकि चीन इसे अपना आंतरिक मामला कहता रहा है. 1949 से पहले तक उइगुर मुस्लिमों की कुल आबादी का 95 फीसदी थी लेकिन चीन में 60 सालों के कम्यूनिस्ट शासन के बाद अब वे सिर्फ 45 फीसदी रह गए हैं.

कश्मीर में मुसलमानों पर भारत द्वारा अत्याचार का राग अलापने वाला पाकिस्तान उइगुर मुस्लिमों के उत्पीडन पर चुप्पी साध जाता है. क्योंकि अगर उसने चीन के खिलाफ मुंह खोला तो उसे चीन से मिलें वाले कर्जों से हाह धोना पड़ेगा और पकिसन का दाना पानी बंद हो जाएगा और अगर उसने अमेरिका की खिलाफत की तो आतंकवाद से लड़ने के नाम पर अमेरिका उसे जो भी अनुदान देता है वो सब बंद हो जाएगा. इसलिए पाकिस्तान के लिए तो इधर कुआँ और उधर खाई वाली स्थिति है. क्योंकि अमेरिका चाहेगा कि चीन को सबक सिखाने में उसे दुनिया भर के देशों का सहयोग मिले.