CAA का विरोध करने के चक्कर में उर्मिला मातोंडकर ने कहा कुछ ऐसा कि उड़ने लगा उनका मज़ाक

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CAA के खिलाफ प्रदर्शन तो खूब हो रहे हैं. फिल्म स्टार्स भी इसके खिलाफ बढ़ चढ़ कर आवाज उठा रहे हैं.  लेकिन कई बार सामने आया है कि उन्हें इस कानून के बारे में कुछ पता ही नहीं है लेकिन फिर भी कूल बन्ने के लिए वो विरोध प्रदर्शनों में हिस्सा ले रहे हैं. फरहान अख्तर की इसलिए फजीहत भी हो चुकी है. अब अभिनेत्री उर्मिला मातोंडकर ने CAA के खिलाफ कुछ ऐसा कहा कि उनकी फजीहत हो रही है.

उर्मिला मातोंडकर ने पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान के प्रताड़ित अल्पसंख्यकों को भारत की नागरिकता देने वाले CAA की तुलना अंग्रेजों के काले क़ानून  रॉलेट एक्ट से की है. CAA की आलोचना करते हुए उर्मिला ने कहा, की आलोचना करते हुए उर्मिला मातोंडकर ने कहा,’1919 में दूसरे विश्व युद्ध के खत्म होने बाद अंग्रेज यह समझ गए थे कि हिंदुस्तान में उनके खिलाफ असंतोष बढ़ रहा है. इसलिए उन्होंने रॉलेट ऐक्ट जैसे एक कानून को भारत में लागू कराया. 1919 के इस रॉलेट ऐक्ट और 2019 के सिटिजनशिप अमेंडमेट ऐक्ट को अब इतिहास के काले कानून के रूप में जाना जाएगा.’

अब आप सोच रहे होंगे कि इस बयान के लिए उर्मिला की आलोचना क्यों हो रही है तो आपने उनके बयान पर गौर नहीं किया. उर्मिला ने कहा कि द्वितीय विश्व युद्ध की समाप्ति 1919 में हुई. जबकि सच ये है कि प्रथम विश्व युद्ध की समाप्ति 1919 में हुई थी और द्वितीय विश्व युद्ध की समाप्ति 1945 में हुई थी. ऐसा लगता कि उर्मिला भी उन्ही लोगों का लिखा इतिहास पढ़ती है जिनके अनुसार युधिष्ठिर को अशोक ने प्रेरणा दी थी.

उर्मिला के इसी इतिहास ज्ञान के कारण उनकी फजीहत हो रही. सोशल मीडिया पर लोग उन्हें ट्रोल कर रहे हैं. उनपर खूब मीम बनाए जा रहे हैं.