UPSC के सवालों से ज्यादा डराते है रिश्तेदारों के ये सवाल

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हमारे देश में हॉबीज़ पालना भी एक हॉबी है. किसी को खेलना पसंद है, किसी को लिखना तो किसी को फिल्में देखना, लेकिन एक और हॉबी है जो कि अब नेशनल हॉबी बनती जा रही है वो है “IAS” बनना. हर साल लगभग लाखों की तादात में लोग IAS बनने का सपना पालते हैं. हमारे देश में अगर बच्चा क्लास में फर्स्ट आता है तो उसके पेरेंट्स की फर्स्ट प्रेफेरेंस IAS ही होती है. हमारा एजुकेशन सिस्टम भले ही abcd से शुरू होता है लेकिन खत्म UPSC पर ही होता है .

UPSC का नाम तो आपने सुना ही होगा. यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन. अरे वही IAS वाला एग्जाम. जिसमे सर्विस तो कई दी जाती हैं लेकिन लोग इसे IAS ही बुलाते हैं.

2018 में लगभग 8 लाख लोगों ने UPSC का फॉर्म भरा था. लेकिन परीक्षा देने आधे से भी कम आए.

भला ऐसा क्यों हुआ? ऐसा तो नहीं है कि इसका फॉर्म फ्री में मिलता है, बकायदा फॉर्म के पैसे लगते है.

वैसे ये सवाल भी आपके मन में उठता ही होगा की वो सारे aspirant जिन्होंने पिछले साल परीक्षा दी थी उनका क्या हुआ. तो जनाब पिछली बार प्रीलिम्स क्लियर किया 10 हजार चार सौ चौसठ अस्पिरंट्स  ने. एक हज़ार नौ सौ छियानबे  इंटरव्यू दे रहे हैं और फाइनली सिलेक्ट होंगे 782. ये 782 तो स्टार हैं ही, उनकी बात तो सभी करते ही हैं, लेकिन आज हम उन लोगों की बात करेंगे जो IAS बनने का सपना अकेले नहीं देखते है. उनके साथ कई और आँखों में नीली बत्ती की चाह होती है. और जब नाकामयाबी हासिल होती है तो कई लोगों का दिल टूट जाता.

कुछ लोग exam न क्लियर होने के कारण कुछ गलत कदम उठा लेते है, वहीं कुछ लोग फिर से तैयारी में जुट जाते हैं

वैसे तो दिल्ली को दिल वाले का शहर कहते है लेकिन यहाँ का एक कोना ऐसा है जहाँ आईएस बनने के सपने पलते है. मुख़र्जी नगर, राजेंद्र नगर की गलियों से हर UPSC aspirant वाकिफ है. यह एक सपनों की मंडी हैं जहां ना जाने कितने लोग आँखों में सपने लिए, कंधे पर बैग टांगे और कान में इयर फ़ोन लगाए उतर जाते है. यहाँ रहने के नाम पर माचिस के डिबिया जैसे कमरे मिलते हैं. जिनकी कीमत 10 हज़ार के लगभग होती है. खाने के नाम पर थर्ड क्लास सा खाना खाते हैं और सुबह से शाम तक the hindu, योजना और प्रतियोगिता दर्पण में घुसे रहना. साथ में NCERT से लेकर कोचिंग मटेरियल को वक़्त की रफ़्तार के साथ चाटते रहते हैं.

कभी कभी अगर उनका मन कुमार सानु के गाने सुनकर भटक सा जाता है तो लोग उनको उपदेश देने लगते है कि “इश्क UPSC के लिए हानिकारक है”

UPSC की परीक्षा जितनी कठिन होती है उतना ही कठिन उसकी तयारी में जुटे आम युवाओं का जीवन होता है . पढाई ज्यादा करनी होती है, समय के साथ सुविधाएँ भी कम होती है . लेकिन फिर भी toppers टिप्स के ज़रिये उनका मनोबल बढ़ता रहता है .

उनको पढ़ते पढ़ते परीक्षा के सवालों से तो डर नहीं लगता लेकिन कुछ ऐसे सवाल है जो खौफ के साथ साथ उनको चिढ़ा भी जाते है .

कभी अपने सोचा है वो कौन से सवाल है. वो कैसे सवाल हैं जो इतने दमदार है . शायद नहीं, तभी तो आप भी पूछ लेते हैं उनसे कुछ ऐसे सवाल

क्या चल रहा है?

और कित्ता टाइम लगेगा?

‘क्या रहा इस बार?’

इस बार भी नहीं हुआ तुम्हारा ?

इन सवालों के जवाब को देने में कोई डर नहीं है लेकिन लोगों के पूछने के अंदाज़ से चिढ़ होती है . लोगों को लगता है की UPSC के लिए दिन रात पढोगे तो निकल जाएगा. दिल तो करता है उनसे कह दें भाईसाहब आप एक बार देकर देखिये .

और जब इन सभी के जवाब लोगों को मिल जाते है और पूरी तहकीकात के बाद जब उन्हें यह मालूम हो जाता की UPSC क्लियर नहीं हुआ तब उनके सुझाव और ताने शुरू हो जाते हैं . जैसे “शर्मा जी के लड़के का तो mains निकल गया अब कलक्टर बन जाएगा , बेटा ऐसा करो तुम बैंक वला फॉर्म भर दो” . और उसके बाद बैंक, हवलदार से लेकर सफाई कर्मचारी तक हर फॉर्म भरने की सलाह देते हैं. काम कोई भी छोटा-बड़ा नहीं होता. लेकिन इनका तात्पर्य यही होता है कि बड़े पेपर की तैयारी करो, तो छोटा तो निकलता ही है.

पहले तो किसी काम को बड़ा-छोटा कहना ही गलत है. और दूसरा ये कि भैया पेपर सब अलग होते हैं. कोई लेना-देना नहीं है किसी और पेपर से.

बात बस इतनी सी कहनी  है कि UPSC या कोई और परीक्षा  में बैठने के लिए बहुत मेहनत लगती है. परीक्षा में नाकामयाबी का मजाक नहीं उड़ाना चाहिए क्योंकि इससे लोग demoralise हो जाते हैं. सवाल पूछना बहुत आसान है लेकिन जवाब देना उतना ही मुश्किल फिर चाहे वो upsc का हो या किसी और का . upsc की तैयारी कर रहे सभी aspirant को बस यही सुझाव है कि आप किसी शर्मा जी के लड़के से काम्प्लेक्स फील न करें और सवालों से ना डरें. क्योकि दुनिया उन चार लोगों की है जिनके पास न आंखें है न कान. बस मुंह है. ये दुनिया आपको इनसिंसियर कहने या कम आंकने वालों की है. किसी के नीचे गिरने पर उस पर हंसने वालों की है. आप सिंसियर है , आपने मेहनत की है आप जानते है कि  आपका कद क्या है .