निर्भ’या के’स में दो’षी विनय की नहीं चली पैंतरेबाजी,सुप्रीम कोर्ट ने दिया ये फैसला

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निर्भ’या गैं’गरे’प और म’र्डर के’स की सिर्फ डेट और सुनवाई रोज आगे बढती ही रहती है अभी तक कोई भी फैसला नहीं आया है. अगर फैसला आ भी जाता है तो कोई न कोई दो’षी दया या’चिका डाल देता है और के’स की तारीख फिर आगे बढ़ जाती है. शायद ये प्रक्रिया ऐसे ही चलती रहेगी और इसका आदेश कब आएगा ये भी एक तरह का सस्पेंसे बना हुआ है.

एक और अभी अपडेट आई है दो’षी विनय को लेकर. जिसमे विनय ने अपनी मौ’त से बचने के लिए एक याचिका दी थी या कह सकते हैं कि उसने कुछ दिन और फां’सी से बचने के लिए एक पैंतरा चला जिसमे वो ना’कामयाब हो गया है.इससे पहले उसने राष्ट्रपति को द’या या’चिका भेजी थी और वहां से भी उसकी द’या या’चिका खा’रिज कर दी गई है. विनय ने फां’सी टलने को लेकर जो या’चिका दी थी उसको उच्छ न्यायालय ने ख़ा’रिज कर दी है. विनय ने खुद को मान’सिक तौर पर बीमा”र बताकर भी फां’सी टालने की मांग की थी. लेकिन विनय का ये पैंतरा काम नहीं आया. सुप्रीम कोर्ट ने विनय को में’टली फिट बताया है. कोर्ट ने गुरुवार को सुन’वाई के बाद फैसला सुर’क्षित रख लिया था.

जस्टिस अशोक भूषण और ए. एस. बोपन्ना के साथ जस्टिस आर. भानुमति की अध्यक्षता वाली पीठ ने यह फैसला दिया है. ‘सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को निर्भ’या कां’ड के चार दो’षियों में से एक विनय शर्मा की या’चिका पर फैसला सुर’क्षित रख लिया था, जिसमें राष्ट्रपति द्वारा उसकी दया या’चिका की अस्वी’कृति को चुनौती दी गई थी’

सुप्रीम कोर्ट में  निर्भ’या के दो’षी विनय शर्मा का प्रतिनिधित्व करने वाले एडवोकेट ए. पी. सिंह ने अपने मुव’क्किल की दया या’चिका को खा’रिज करने के राष्ट्रपति के फैसले पर सवाल उठाए थे. इस पर अदालत और सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने तीखी आलो’चना की, जो इस मामले में केंद्र का प्रतिनिधित्व कर रहे थे.

अब देखना ये है की निर्भ’या के घर वालों को या निर्भ’या जो अब इस दुनिया में नहीं है. उसके दो’षियों को अभी कितने और दिन फां’सी से बचाया जायेगा. क्योकि आये दिन कुछ न कुछ निर्भ’या के केस में ऐसा होता की दो’षियों की फां’सी टल जाती है. तो कब मिलेगा न्याय और अभी कितना करना होगा इंतज़ार.