निर्भया के दो’षियों की फां’सी अब ज्यादा दूर नहीं , जेल प्रशासन ने कहा कि…

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निर्भया के’स में डे’थ वा’र्रेंट की तारीख हर बार सुप्रीम कोर्ट की तरफ से आ जाती है. लेकिन उसके बाद भी दिए हुए वक़्त पर निर्भया के दो’षियों को फां’सी पर नहीं लट’काया जाता है. उसका कारण ये सामने आता है कि कोई न कोई दो’षी अपनी फां’सी को टालने के लिए राष्ट्रपति के पास दया याचिका दायर कर देता है. उसके बाद उसमे टाइम लगता है और उनकी फां’सी की तारीख टल जाती है. अगर राष्ट्रपति दया याचिका ख़ारिज कर देते है. तो दो’षी क्यूरेटिव पिटिशन दायर कर देते है उसके बाद उसमे भी वक़्त लगता है और फिर डे’थ वा’रंट किसी काम का नहीं रह जाता है.

इस बार सुप्रीम कोर्ट ने निर्भया गैं’गरे’प और म’र्डर के’स के सभी 4 दो’षियों को 3 मार्च 2020 को सुबह 6 बजे फां’सी पर लट’काने का आदेश दिया है, और आज तिहाड़ जे’ल प्रशासन ने दो’षियों को लिखित तौर पर सूचना दी है कि उनके घरवाले जब चाहें अपने बेटों से आखिरी मुलाकात कर लें आकर. जे’ल प्रशासन ने कहा है कि घर वालों को जब मिलना हो वो तारीख और वक़्त बता दें. हम घर के सदस्यों की आखिरी मुलाकात करवा देंगे.

दरअसल, कोर्ट द्वारा दिए गए नए आदेश में इस बात का भी जिक्र किया गया है कि ‘मुकेश और पवन अपने घर वालें से अं’तिम मुलाकात कर चुके हैं. दो’षी अक्षय और विनय के भी परिजनों से अं’तिम मुलाकात के लिए कहा जा चुका है. साप्ताहिक मुलाकात चारों की अभी जारी है.’ निर्भया गैं’गरे’प के’स के 4 दो’षियों मुकेश कुमार सिंह, विनय कुमार शर्मा, अक्षय और पवन गुप्ता को फां’सी होनी है. चार में से तीन दो’षी मुकेश, विनय और अक्षय फां’सी से बचने के लिए सभी पैंतरे अपना चुके है. इन तीनो ने  राष्ट्रपति के सामने अपनी द’या या’चिका लगा चुके हैं. लेकिन राष्ट्रपति ने उससे खा’रिज कर दिया है. ऐसे में इन तीनों को फां’सी पर ल’टकने से अब कोई बचा नही सकता है. इनकी फां’सी का रास्ता बिल्कुल साफ हो गया है, इनके पास अब कोई विकल्प नहीं बचा है.

बता दें, चौथे दो’षी पवन गुप्ता ने अभी तक न तो सुप्रीम कोर्ट में क्यूरेविट पिटीशन लगाई है और न राष्ट्रपति से दया की गुहार लगाईं है. अगर पवन गुप्ता अपने विकल्पों का इस्तेमाल करता है. तो 3 मार्च को दी जाने वाली फां’सी एक बार फिर से टल सकती है. अगर पवन की तरफ से फां’सी वाले दिन से ठीक एक दिन पहले यानी 29 फरवरी के बाद क्यूरेटिव पिटिशन दा’खिल की जाती है. तो नि’र्भया के’स की सुनवाई में एक बार फिर से समय लग सकता है, और चारों दो’षियों की 3 मार्च की सुबह फां’सी टल सकती है. इसके अलावा पवन के पास एक विकल्प ये भी है कि वो राष्ट्रपति के पास दया या’चिका लगाये और जब तक राष्ट्रपति की ओर से इस संबंध में कोई फैसला आये तो उस कारण भी देरी हो सकती है.

अब एक बार फिर से देश की नजर पवन के ऊपर टिक गई है. क्योकि अगर पवन फांसी से एक दिन पहले क्यूरेटिव पिटिशन दायर कर देता है. तो फांसी टलना पक्का है. उसके बाद देखने वाली बात यह है कि सभी दो’षीयों को फां’सी पर लट’काने के लिए कौन सी नई तारीख कोर्ट द्वारा मुक’र्रर की जाती है.आगे ये केस क्या कोई नया मोड़ लेगा या फिर 3 मार्च को निर्भया को इंसाफ मिल जायेगा?