यूपी पुलिस ने प्रियंका और राहुल गाँधी के काफिले को मेरठ जाने से रोका

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CAA (नागरिकता संशोधन एक्ट) पर हर पार्टी अपने राजनीतिक फायदे तलाश रही है, फिर चाहे वो वामपंथी दलों की बात हो या क्षेत्रीय पार्टियों की बात हो सभी अपने लिए इन बिगड़ते हालात के बीच मौके की तलाश कर रहे हैं, दिल्ली में चुनाव नजदीक हैं, भाजपा को झारखंड में हार का सामना करना पड़ा है. इसी बीच CAA पर अपने रूख को स्पष्ट करने के लिए कांग्रेस ने अब अपनी कमर कस ली है, इसी के सिलसिले में CAA के खिलाफ प्रदर्शन में मारे गये लोगों के परिवारों से मिलने के लिए प्रियंका गाँधी और राहुल गाँधी मेरठ जा रहे थे जिनको पुलिस ने शहर के बाहर ही रोक लिया.

इसके बाद कांग्रेस नेताओं ने पुलिस से तीन लोगों को जाने देने की मांग भी की लेकिन फिर भी पुलिस प्रशासन ने उनको शहर के अंदर तक नहीं जाने दिया. मेरठ के बाहर परतापुर में दोनों ही कांग्रेस नेताओं को रोका था, और दो दिन बाद आने के लिए कहा जिसके बाद राहुल गाँधी और प्रियंका गाँधी वापस दिल्ली चले गये.

जब राहुल गाँधी से इसके बारे में पुछा गया तो उन्होंने बताया कि ‘’हमने पुलिस प्रशासन से पूछा ,क्या आपके पास कोई आर्डर है ? उन्होंने हमें किसी भी तरह का कोई भी आर्डर नहीं दिखाया बस ये कहा की हमें वापस जाना होगा’’  

गौरतलब है कि कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा रविवार को अचानक से बिना किसी पहले से दे गयी जानकारी के यात्रा करते हुए उत्तर प्रदेश के बिजनौर में पहुंचीं थी, बिजनौर में नए नागरिकता कानून पर बवाल मचा था, और वहां प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा में 2 लोग भी मारे गए थे. कांग्रेस महासचिव प्रियंका गाँधी उन दोनों परिवारों से जाकर मिलीं भी थी. अगर कांग्रेस के कुछ सूत्रों की मानें तो बिजनौर के नहटौर इलाके में वह गईं हुई थीं. खबरों के मुताबिक वो वहां मारे गए प्रदर्शनकारी अनस और सुलेमान के परिवार के लोगों से जाकर मिलीं थीं.