कोरोना पी’ड़ितों को राहत देते हुए योगी सरकार ने पलटा अपना ही आदेश और जारी किया ये नया फैसला

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कोरोना वायरस की वजह से आज पूरा देश परे’शान है. असी में सरकार की तरफ से हर मुमकिन कोशिश की जा रही है. ताकि इससे बचाव किया जा सके. साथ ही जब तक इसकी दवा नहीं बन जाती तब तक किसी भी तरह इसको फैलने से रोका जा सके. जाहिर है. दुनियाभर में कोरोना से सं’क्रमित लोगो का आंकड़ा लाखों के ऊपर पहुँच गया है. जिसमें से हजारो की संख्या में लोगो की अभीतक मौ’त भी हो चुकी है.

ऐसे में योगी सरकार ने अपने एक फैसले में बड़ा बदलाव किया है. दरअसल पहले योगी सरकार की तरफ से आदेश दिया गया था कि जिन भी लोगो को आइसोलेशन में रखा जायेगा. वो आइसोलेशन वार्ड में मोबाइल फ़ोन का उपयोग नहीं कर सकते थे. दरअसल ये  उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य महानिदेशक के के गुप्ता की तरफ से जारी किए गए आदेश में साफ-साफ कहा गया था कि प्रदेश के कोविड-19 समर्पि’त एल-2 और एल-3 चिकित्सा’लयों में भर्ती मरीजों को आइसोलेशन वार्ड में मोबाइल फोन ले जाने की अनु’मति नहीं है, क्योंकि इससे सं’क्रमण फैलता है.

जिसके बाद योगी सरकार ने इस फैसले को अब वापस ले लिए है और मोबाईल फ़ोन का इस्तेमाल करने की इजा’जत दे दी है. सरकार ने फैसले में बदलाव कुछ श’र्तों के साथ किया. जिसमें आइसोलेशन वार्ड में जाने से पहले मरीज को बताना होगा कि उसके पास मोबाइल फोन और चार्ज’र है. जिसके बाद आइसोलेशन वार्ड में भर्ती होने से पहले मोबाइल और चार्ज’र को चिकित्सालय प्रबं’धन के जरिए डि’सइंफेक्ट किया जाएगा और

वहीं मोबाइल और चार्जर रोगी किसी अन्य मरीज और स्वास्थ्य’कर्मी के साथ साझा नहीं करेगा. इसके साथ ही आइसोलेशन वार्ड से डि’स्चार्ज होने के बाद मरीज का मोबाइल और चार्जर डिसइंफे’क्ट किया जाएगा. जाहिर है इससे पहले सरकार ने इस पर प्र’तिबंद लगा रखा था ताकि संक्र’मण न पहले लेकिन अब सरकार ने अपने इस फैसले को वापस ले लिया है.