कोरोना के चलते हो रहे नुकसान की भरपाई करने के लिए UP सरकार इस चीज पर वैट बढ़ाने की कर रही है तैयारी

कोरोना ने इस समय पूरी दुनिया को अपने गिरफ्त में ले लिया है. हर देश इस बीमारी से बचने के लिए हर संभव कोशिश कर रहा है लेकिन हालात बिगड़ते जा रहे हैं. कई देशों के लॉकडाउन चल रहा है इसके बावजूद भी हर दिन हजारों की संख्या में मरीज बढ़ते जा रहे हैं. भारत में काफी समय से लॉकडाउन होने के बावजूद भी कोरोना से संक्रमित लोगों की संख्या 37 हजार के पार हो गयी है.

जानकारी के लिए बता दें पूरे देश में लॉकडाउन होने की वजह से सारे कामकाज ठप्प हो गये हैं जिसके चलते अर्थव्यवस्था बुरी तरह से चरमरा गयी है. ऐसे में सरकार कहाँ से अपनी भरपाई करे जिससे अर्थव्यवस्था मेंटेन रहे. लॉकडाउन की वजह से उत्तरप्रदेश सरकार का खजाना खाली होता जा रहा है. वित्तीय वर्ष 2020-21 के पहले महीने में वित्त विभाग के राजस्व में भारी गिरावट दर्ज की गयी है. जिसके चलते सरकार बड़ा कदम उठा सकती है.

सरकार को हो रहे घाटे के चलते बड़ी खबर आ रही है. वित्त विभाग इस घाटे को बराबर करने की कोशिश में जुट गया है. लगातार विचार किया जा रहा है कि कैसे इस घाटे की पूर्ति की जाये. वहीँ बताया जा रहा है कि सरकार पेट्रोल-डीजल पर वैट बढ़ाने की तैयारी पर विचार कर रही है. जिससे आम जनता की जेब पर बोझ बढ़ सकता है. सरकार के पास इस घाटे की पूर्ति करने के लिए अभी और कोई विकल्प है भी नहीं.

गौरतलब है कि लॉकडाउन के चलते स्थिति ये हो गयी कि सरकार को इस अप्रैल के महीने में वार्षिक लक्ष्य का मात्र 1.2 प्रतिशत राजस्व और 1.5 करेत्तर राजस्व ही प्राप्त हो पाया है. प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा है कि कोरोना की वजह से सरकार को भारी नुकसान झेलना पड़ा है. इसके बावजूद भी सरकार वेलफेयर के काम करती रही. सरकार ने इसी वजह से मंत्रियों और विधायकों की सैलरी में से 30 प्रतिशत की कटौती और एक वर्ष के लिए विधायक निधि स्थगित कर दी है. वित्त विभाग की तरफ से 2020-21 में 166,021 करोड़ रूपये लक्ष्य निर्धारित था जोकि महज अब 2012.66 करोड़ रूपये ही प्राप्त हो पाया है. इसी तरह सरकार ने टैक्स के लिए लक्ष्य 19,178.93 करोड़ रूपये के सापेक्ष महज 282.12 करोड़ रूपये ही प्राप्त हो पाए हैं.