किसानों के लिए योगी सरकार लेकर आ रही है खुशखबरी, इस बड़ी समस्या से मिलेगी निजात

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उत्तर प्रदेश में बीजेपी सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अवैध गौहत्या पर प्रतिबंध लगा दिया था. योगी के इस फैसले प्रदेश की जनता में ख़ुशी की लहर थी लेकिन धीरे धीरे यह फैसला किसानों के लिए सिरदर्द बन गया. दरअसल लोग बछड़ो और दूध ना देने वाली गायों को छोड़ देते हैं. जिन्हें आम भाषा में आवारा जानवर कहा जाता है. इनकी ज्यादा संख्या गोवंश में होती है. किसानों की इसी समस्या से निजात दिलाने के लिए योगी सरकार ने एक प्रस्ताव को मंजूरी दी है. जिससे किसानों को इन जानवारों से छुटकारा मिल सकता है.

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दरअसल योगी सरकार ने कैबिनेट की मीटिंग में एक प्रस्ताव पास किया है. जिसके तहत कैबिनेट ने प्रदेश की पंचायतों, नगर पालिका और नगर निगमों को स्थायी और अस्थायी गोवंश आश्रय स्थल की स्थापना के लिए मंजूरी दे दी है. इस फैसले की सबसे अहम् बात जो निकलकर सामने आई है वो ये है कि गायों के आश्रय स्थलों के वित्तीय प्रबंधन के लिए आबकारी विभाग शराब पर दो प्रतिशत ‘गौ कल्याण उपकर’ लगाएगा. जिसे ‘सेस’ भी कहा जाता है. मिली जानकारी के मुताबिक़ हर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों और शहरी क्षेत्रों में कम से कम एक हजार पशुओं के रहने के लिए आश्रय स्थल बनाये जायेंगे. इसका निर्माण मनरेगा के माध्यम से ग्राम पंचायत, विधायक और सांसद निधि से भी कराया जा सकेगा. इसी के साथ इन गोवंशों के दूध, गोबर, कम्पोस्ट आदि को बेचकर आश्रय स्थल को स्वावलंबी  बनाया जाएगा.

किसानों को बेसहारा घूम रहे गोवंशों से काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था. किसानों की फसलों को ये गोवंश बर्बाद कर देते थे लेकिन अब सरकार किसानों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए नाकि इस समस्या का हल निकाला है बल्कि इसके लिए 100 करोड़ रुपये स्थानीय निकाय को सरकार ने दिए हैं इसी के साथ गौवंश आश्रय स्थलों के वित्तीय प्रबंधन के लिए आबकारी विभाग शराब पर दो प्रतिशत गौ कल्याण उपकर लगाएगा.

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योगी सरकार के इस फैसले से नाकि उत्तर प्रदेश के किसानों को फसल सुरक्षा में राहत मिलेगी बल्कि शहरों में सडकों पर घूम रहे इन जानवरों की वजह से होने वाली सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी.