उन्नाव केस में न्याय की जगी उम्मीद, सुप्रीम कोर्ट ने दिया बड़ा आदेश

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उन्नाव रे’प केस में मचे बवा’ल के बाद सुप्रीम कोर्ट एक्शन में आ गई है . गुरुवार को इस मामले में तीन बार सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चली . कोर्ट ने इस मामले में संज्ञान लेते हुए मामले से जुड़े सभी पांचो केस को लखनऊ से दिल्ली ट्रांसफर करने का आदेश दिया है, साथ ही सीबीआई को आदेश दिया कि पीडिता के साथ हुए एक्सी’डेंट की जांच एक हफ्ते में पूरी करे और कोर्ट में जांच रिपोर्ट जमा करे . गुरुवार को तीन बार मामले की सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस अब तक हुई जांच से से काफी खफा नज़र आ रहे थे. उन्होंने पीडिता की चिट्ठी अब तक नहीं मिलने को लेकर नाराजगी जताई . चीफ जस्टिस ने सॉलिसिटर जनरल से पूछा कि PIL के सेक्शन में पीड़िता की चिट्ठी क्यों नहीं आई? चीफ जस्टिस ने नाराज हो कर कहा –  क्या आपको लगता है कि इस देश में संविधान से काम हो रहा है? देश में क्या हो रहा है?

चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की पीठ ने मामले का ट्रायल 45 दिनों में निपटाने का आदेश दिया . साथ ही उन्होंने कहा कि अब तक पीडिता के परिवार के साथ जो हो चूका उसे हम बदल नहीं सकते लेकिन अब उसके परिवार को कुछ नहीं होना चाहिए , कोर्ट ने पीडिता के परिवार को और उसके वकील को CRPF सुरक्षा देने का आदेश दिया .

कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को आदेश दिया कि वो शुक्रवार तक पीडिता को 25 लाख रुपये दे . साथ ही ये भी कहा कि अगर लखनऊ में पीडिता का इलाज कराने में दिक्कत आ रही है तो उसे दिल्ली एम्स में शिफ्ट किया जाए ताकि उसका इलाज सही से हो सके. कोर्ट ने ये भी कहा कि अब से अगर पीडिता को कोई दिक्कत हो और शिकायत करनी हो तो सीधे सुप्रीम कोर्ट से करे .

सप्रीम कोर्ट के एक्शन में आने के बाद अब इस बात की उम्मीद जागने लगी है कि उन्नाव रे’प केस में पीडिता को जल्दी न्याय मिल सकेगा . अब तक इस केस की गति बहुत धीमी थी लेकिन इस एक्सी’डेंट ने पुरे देश को झकझोर कर रख दिया .