ब्रिटेन चुनाव में भारत समर्थक पार्टी की जीत, कश्मीर मुद्दे ने निभाई निभाई अहम भूमिका

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ब्रिटेन में हुए चुनाव में भारत समर्थक कंजर्वेटिव पार्टी ने शानदार जीत दर्ज की है. बोरिस जॉनसन के नेतृत्व में कंजर्वेटिव पार्टी ने 650 सीटों में से 337 सीटें हासिल की है जबकि भारत विरोधी लेबर पार्टी को सिर्फ 200 सीटों से संतोष करना पड़ा है. कंजर्वेटिव पार्टी के नेता बोरिस जॉनसन भारत समर्थक माने जाते हैं और इस्लामिक क’ट्टरपंथ विरोधी बयानों के लिए सुर्ख़ियों में रहते हैं.

कंजर्वेटिव पार्टी की जीत में ब्रिटेन में बसे भारतीय मूल के लोगों ने काफी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. जब भारत सरकार ने कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाने का फैसला किया था तो कंजर्वेटिव पार्टी खुल कर भारत के साथ खाड़ी थी. जिस कारण भारतीय मूल के लोगों ने चुनाव में कंजर्वेटिव पार्टी के उम्मीदवारों का बढचढ कर साथ दिया. दूसरी तरह लेबर पार्टी को अपने भारत विरोधी रुख का खामियाजा भुगतना पड़ा. कंजर्वेटिव पार्टी के अनुसार भारतीय मूल के वोटरों ने कम से कम 15 से 20 सीटें जिताने में अहम् भूमिका निभाई. विपक्षी लेबर पार्टी अपनी कई पारंपरिक सीटें भी गंवा चुकी है. शानदार बहुमत के बाद पीएम बोरिस जॉनसन ब्रिटेन को यूरोपीय यूनियन से अलग करने वाली ब्रेक्जिट को लागू कर सकेंगे.

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ट्वीट कर बोरिस जॉनसन को शानदार जीत के लिए बधाई दी. उन्होंने ट्वीट कर कहा, “पीएम बोरिस जॉनसन को प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में लौटने के लिए बहुत-बहुत बधाई. मेरी उनको शुभकामनाएं. मैं भारत-ब्रिटेन के करीबी रिश्तों के लिए साथ में मिलकर काम करने की कामना करता हूं.”

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भी बोरिस जॉनसन को जीत की बधाई देते हुए कहा कि ‘बोरिस जॉनसन को इस शानदार जीत के लिए बधाई! ब्रिटेन और अमेरिका अब ब्रेग्जिट के बाद बड़े व्यापार समझौते को करने के लिए आजाद हैं. यह डील बहुत महत्वपूर्ण और बड़ी होगी जो ईयू के साथ हुई किसी भी डील से ज्यादा आकर्षक होगी. जश्न मनाइए बोरिस!’आपको बता दें कि नरेंद्र मोदी, डोनाल्ड ट्रम्प और बोरिस जॉनसन तीनों ही दक्षिणपंथी विचारधारा के माने जाते हैं. अगले साल अमेरिका में भी राष्ट्रपति का चुनाव होना है जिसमे डोनाल्ड ट्रम्प के भविष्य का फैसला होगा.