सदन में चर्चा के दौरान फूटा उद्धव का फडनवीस प्रेम- कहा हम साथ रहते तो..

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भले ही महाराष्ट्र में बीजेपी और शिवसेना अलग हो चुके हैं और दोनों की राहें अब अलग-अलग हैं, मगर फिर भी अगर उद्धव ठाकरे की मानें तो दोनों की विचारधाराएं एक हैं और वो अपनी नई सरकार में अपनी विचारधारा के हिसाब से ही काम करेंगे. उद्धव ठाकरे अच्छे से जानते हैं कि जो उनकी हिंदुत्व की विचारधारा है उसी की वजह से उनको महाराष्ट्र में एक वोट बैंक हासिल होती है तो ऐसे में उनको अपनी बात को स्पष्ट करने के लिए ऐसे बयानों का सहारा लेना पड़ रहा है जो उनकी हिंदूवादी छवि को दिखाते हो… फिर चाहे 2 और दलों वाले इस गठबंधन में वो अपनी बातों को अमल में ला सकें या नहीं.

गौरतलब है कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के तौर पर उद्धव ठाकरे शपथ ले चुके हैं इसके बाद वो लगातार देशभर में सुर्खियां बटोर रहे हैं, क्योंकि महाराष्ट्र का इस बार का चुनाव टीआरपी और सियासी नौटँकी का एक मंच बन गया था जिसमें कोई नायक था तो कोई खलनायक… देवेंद्र फड़नवीस ने रविवार को सदन में भारतीय जनता पार्टी के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की तारीफ करते हुए कहा कि मैंने देवेंद्र फडणवीस से बहुत कुछ सीखा है मेरे राजनीतिक सफर में बहुत सी ऐसी चीजें हैं जो देवेंद्र फडणवीस ने मुझे सिखाई है.. तो ऐसे में मैं कभी नहीं चाहूंगा कि उनके साथ मेरी दोस्ती खराब हो लेकिन मैं इतना ही कहना चाहूंगा कि अगर आप इस गठबंधन के लिहाज से अच्छे बने रहते तो शायद यह सब कभी नहीं होता.

अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए देवेंद्र फडणवीस पर उन्होंने तंज कसा, वह बोले कि गठबंधन के टूटने के लिए मैं जिम्मेदार नहीं हूं, मैं आपको विपक्ष के नेता नहीं बल्कि हमारी गठबंधन की सरकार में एक जिम्मेदार नेता के तौर पर देखना चाहता था इसके अलावा सदन में उन्होंने अपनी बात को आगे रखते हुए यह भी कहा कि अगर मैं अपनी विचारधारा के साथ नहीं चल रहा होता तो पिछले 5 वर्षों में जो सरकार चल रही थी वह गिर गई होती.. सदन में जब उद्धव ठाकरे बोल रहे थे तो वो ये भी बोले कि मैं भाग्यशाली सीएम हूं क्योंकि जिन जिन लोगों ने मेरा अभी तक विरोध किया था वह मेरे साथ खड़े हुए हैं..

सदन में अपने इसी भाषण के दौरान उन्होंने अपने ऊपर शरद पवार का आशीर्वाद होने की बात भी कही, हालांकि आशीर्वाद वाली बात को उन्होंने अप्रत्यक्ष रूप से कहा था.. उद्धव ठाकरे और देवेंद्र फडणवीस एक लंबे वक्त अच्छे दोस्त हैं इस बात को उद्धव ठाकरे बार-बार स्वीकार करते हैं एनसीपी शिवसेना और कांग्रेस की सरकार बनने के बाद उद्धव ठाकरे के सुर बदले हुए नजर आ रहे हैं फिर चाहे वह भगवा कपड़े पहनने को लेकर बात हो या फिर देवेंद्र फडणवीस के साथ रिश्ते को लेकर स्पष्टीकरण की बात हो उद्धव ठाकरे ने अपनी हर बात को स्पष्ट तरीके से रखा है.. और अपने हर बयान में वह हिंदुत्व की वकालत करते हुए नजर आ रहे हैं तो ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि किस तरीके से महाराष्ट्र की नई सरकार काम करती है क्या विचारधाराएं होंगी जिन को लेकर उधव ठाकरे चलने वाले है